एक कहावत है, ‘अंडर द वेदर’ यानी थोड़ा अस्वस्थ महसूस करना। अगर आपको भी मौसम में थोड़ा बदलाव आने पर खांसी, छींक और बुखार हो जाता है तो आप अकेले नहीं हैं। वास्तव में, तापमान, आर्द्रता और वायु दबाव (बैरोमेट्रिक दबाव) में अचानक परिवर्तन के साथ मौसम में परिवर्तन होता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे विशेषज्ञ: डॉ. अरविंद अग्रवाल, निदेशक, आंतरिक चिकित्सा और संक्रामक रोग, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली प्रश्न – मौसम बदलने पर लोग बीमार क्यों होते हैं? कर रहे हैं? उत्तर – मौसम में अचानक बदलाव से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। शरीर को भी उतनी ही तेजी से बदलावों के साथ खुद को समायोजित करना पड़ता है। थाई रूप से कमजोर हो जाता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मौसम में परिवर्तन से पराग और धूल जैसे एलर्जन्स भी बढ़ जाते हैं, जो सर्दी, साइनस और गर्मियों में निर्जलीकरण और थकान का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रश्न: मौसम में परिवर्तन हमारे शरीर को कैसे प्रभावित करता है? उत्तर – मौसम में परिवर्तन शरीर के फिजियोलॉजिकल सिस्टम (इंटरन
जरूरी खबर- क्या मौसम बदलने से पड़ते हैं बीमार:आ रही गर्मी, इसलिए बरतें ये 11 जरूरी सावधानियां, डाइट में शामिल करें ये चीजें
By worldprime
On: मार्च 17, 2026 4:30 पूर्वाह्न
---Advertisement---





