जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। वहीं मनीष सैनी ने बताया कि डार्क और VFX फिल्मों के दौर में उन्होंने ऐसा सुपरहीरो बनाने की कोशिश की है, जो लोगों को डराए नहीं, बल्कि मुस्कुराए और परिवार को साथ बैठकर फिल्म देखने का मौका दे। सवाल: दादा, आपसे हर जनरेशन जुड़ जाती है। बच्चे भी और बड़े भी। इस कनेक्शन का राज क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मुझे खुद नहीं पता यार। बस दिल से जीने, प्यार बांटने और लोगों के साथ घुलने-मिलने का। मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किसी को नीचे गिराकर बड़ा नहीं बनना चाहिए। बच्चों के साथ बच्चा बन जाओ, बड़ों के साथ दोस्त बन जाओ। जब आप किसी से दिल से मिलते हो, तो एक एनर्जी एक्सचेंज होती है। हाथ मिलाओ, गले लगो, प्यार से बात करो, वही कनेक्शन बना देता है। ग्रैंडफादर और ग्रैंडचाइल्ड का रिश्ता भी ऐसा ही होता है। सवाल: क्या आज जॉइंट फैमिली की कमी महसूस होती है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: आजकल परिवार छोटे हो गए हैं। पहले छोटे घर में भी 6-7 लोग साथ रहते थे, लेकिन प्यार बहुत होता था। हम लोग छोटे से घर में रहते थे, मगर मजा बहु?
जैकी श्रॉफ बोले- भाई को खोकर जिंदगी समझी:मनीष ने कहा- तारीफ और अपनापन ही ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का असली इमोशन है
By worldprime
On: मई 26, 2026 5:30 पूर्वाह्न
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