कांग्रेस और भाजपा के बीच ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर चल रही राजनीतिक जंग अब राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग तक पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि राहुल गांधी की अंडमान में की गई स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ खर्च किए गए थे। इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अब “मानहानि मंत्री” की भूमिका अपना ली है। टैगोर ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री का बयान तथ्यों से परे है। उनका मकसद अंडमान-निकोबार में पर्यटन को हतोत्साहित करना है। या फिर वे ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर उठ रहे सवालों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग की 2 तस्वीरें… तारीखों में देखें विवाद कैसे बढ़ा… क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत सरकार के मुताबिक यह लगभग ₹90,000 करोड़ की बहुउद्देश्यीय परियोजना है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, बिजली संयंत्र और एक नया टाउनशिप बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए जरूरी है। सरकार इसे महत्वपूर्ण मानती है क्योंकि ग्रेट निकोबार दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक मलक्का स्ट्रेट में एंट्री एरिया के बेहद करीब है। यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण रूट है। भारत का बड़ा हिस्सा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट अभी भी विदेशी बंदरगाहों जैसे सिंगापुर, कोलंबो और पोर्ट क्लांग से होकर गुजरता है। सरकार चाहती है कि यह कारोबार भारत में आए।
दावा- राहुल की स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ खर्च:कांग्रेस बोली- रिजिजू बदनामी फैलाने वाले मंत्री बने; ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से ध्यान भटकाना चाहते हैं
By worldprime
On: जून 22, 2026 6:25 अपराह्न
---Advertisement---