उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना में जन्में नवाजुद्दीन सिद्दीकी जब 17 साल के हुए तो उनके गांव के एक घर में टीवी आया। एक दिन नवाज की नजर पड़ोस में रहनेवाली लड़की पर पड़ी। पहली नजर में ही उन्हें उस लड़की से प्यार हो गया। वो लड़की रोज टीवी देखने उस घर एक घर में जाती, तो पीछे-पीछे नवाज भी वहीं जाने लगे। दोनों घंटों उस घर में बैठते और कई बार नजरें टकरातीं। एक दिन नवाजुद्दीन ने हिम्मत कर लड़की का हाथ पकड़ लिया और कहा- ‘टीवी मत देखो, मुझे देखो।’ लड़की ने जवाब दिया- ‘मैं तो टीवी ही देखूंगी।’ इस पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने तैश में कहा- ‘देखना, एक दिन मैं भी टीवी पर आऊंगा।’ नवाज को गुस्सा करते देख, लड़की उनका हाथ झटक कर वहां से चली गई। उसने भी एक पल के लिए जरूर सोचा होगा कि एक छोटे से गांव का सांवला, आम सी शक्ल का दुबला-पतला ये लड़का हीरो बनेगा? कुछ साल बाद नवाजुद्दीन ने अपनी कही बात सच कर दिखाई। ये मुमकिन हो सका उनकी लगन, संघर्ष और काबिलियत से, जिसे नवाजुद्दीन ने साल-दर-साल निखारा। इस सफर में नवाजुद्दीन कभी वॉचमैन बने, तो कभी 100 रुपए का नुकसान होने से 19 किलोमीटर पैदल चले। कभी तीन वक्त चाय-बिस्कुल में गुजारा किया, तो कभी स्टूडियो से बेइज्जती कर निकाले गए। कभी टीवी पर वेटर बने, चोर बने, तो कभी गुंडे, लेकिन फिर हुनर की बदौलत उनकी गिनती बॉलीवुड के सबसे मंझे हुए एक्टर्स में की जाने लग?
नवाजुद्दीन सिद्दीकी@52:वॉचमैन बने तो मालिक ने कहा- इस मरे हुए को किसने रखा, दोस्त की गुमशुदगी से मिली सरफरोश, सीन कटे तो थिएटर में रोए
By worldprime
On: मई 19, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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