क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

नीदरलैंड के भारतवंशी मेयर मां को ढूंढने आए:कहा- कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार; 41 साल पहले मां ने शेल्टर होम में छोड़ा था

On: जनवरी 16, 2026 12:57 अपराह्न
Follow Us:
नीदरलैंड के भारतवंशी मेयर मां को ढूंढने आए:कहा कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार; 41 साल पहले मां ने शेल्टर होम में छोड़ा था
---Advertisement---

नागपुर में साल 22014 में एक अविवाहित मां ने अपने 22016 दिन के बच्चे को एक शेल्टर होम में छोड़ दिया था। एक महीने बाद नीदरलैंड से भारत घूमने आए एक कपल ने उसे गोद ले लिया और अपने साथ ले गए। इस घटना को 26 साल बीत चुके हैं। वह बच्चा अब नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के पास एक शहर हीमस्टेड का मेयर बन गया है। हीमस्टेड के मेयर फाल्गुन बिन्नेन्डिज्क अब अपनी मां को ढूंढना चाहते हैं। वे आखिरी बार दिसंबर 2025 में भारत आए थे। ये जानकारी अब सामने आई है। फाल्गुन का कहना है- मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है। मैं अपनी मां से सिर्फ एक बार मिलना चाहता हूं और बताना चाहता हूं कि मुझे बड़े प्यार से बड़ा किया गया है। शेल्टर होम की नर्स ने ‘फाल्गुन’ नाम रखा फाल्गुन का जन्म 10 फरवरी, 1985 में हुआ। उनकी मां उन्हें नागपुर के ‘मातृ सेवा संघ’ नाम के एक शेल्टर होम में छोड़ गई थीं, जहां वे करीब एक महीने तक रहे। शेल्टर होम की नर्स ने उन्हें फाल्गुन नाम दिया। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, फाल्गुन महीने में ही बच्चे का जन्म हुआ था। फाल्गुन 2025 में तीन बार भारत आए। उन्हें एक अधिकारी की मदद से शेल्टर होम की उस नर्स का पता चला, जो फाल्गुन के जन्म के समय वहां काम करती थीं। वे अब रिटायर हो चुकी है। फाल्गुन अगस्त 2025 में नागपुर आए थे। नागपुर कलेक्टर विपिन इटांकर की मदद से वे उस नर्स के घर भी गए, जहां उन्हें पता चला कि उनका नाम नर्स ने ही रखा था। नर्स से मिलकर फाल्गुन ने कहा, ‘मैं उनसे मिलकर बहुत खुश हुआ। उस महिला से मिलना एक कभी न भूलने वाला अनुभव था, जिसने मुझे मेरी पहचान दी।’ समाज के डर से फाल्गुन को अविवाहित मां ने छोड़ा था नागपुर नगर पालिका आयुक्त अभिजीत चौधरी ने फाल्गुन के जन्म से जुड़े दस्तावेज ढूंढ़ने में मदद की। दस्तावेजों में ये जानकारी सामने आई कि फाल्गुन की मां एक 21 साल की अविवाहिता थी, जो समाज के डर से उनका पालन-पोषण नहीं कर सकती थी। इसलिए उन्हें शेल्टर होम में छोड़ गई। दस्तावेजों में फाल्गुन और उनकी मां का नाम दर्ज है। हालांकि, फाल्गुन ने उनकी मां का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। मातृ सेवा संघ अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के लिए बनाया गया एक शेल्टर होम है। शेल्टर होम के अधिकारियों के मुताबिक, यहां अक्सर अविवाहित माताएं अपने नवजात बच्चों को छोड़ जाती हैं। 20163 में पहली बार भारत आए फाल्गुन फाल्गुन नीदरलैंड में डच दंपत्ति के घर पले-बढ़े। उन्होंने छोटी उम्र में ही ये बात जान ली थी कि उनकी जड़ें भारत में है। बचपन में उन्हें भारत के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उनके मन में अपनी मां से मिलने की इच्छा जागने लगी। फाल्गुन 2006 में पहली बार भारत आए। उन्होंने दक्षिण भारत की यात्रा की और वहां तरह-तरह के पकवान भी खाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहली बार भारत आकर ही भारतीय संस्कृति से जुड़ाव महसूस होने लगा। फाल्गुन को लगा कि वे भारत की जगहों और लोगों को काफी समय से जानते हैं। फाल्गुन बोले- मुझे लगता है मां भी मुझसे मिलने चाहती होंगी फाल्गुन से जब पूछा गया कि उन्हें अपनी मां से मिलकर कैसा लगेगा, तो उन्होंने कहा मुझे ठीक वैसा ही लगेगा, जैसा एक मां को 40 साल बाद अपने बच्चे से मिलकर लगेगा। फाल्गुन कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि उन्हें अभी भी इस बात का दुख है कि जो उन्होंने किया, वह ठीक नहीं था।’ फाल्गुन ने इंटरव्यू में बताया कि वे फिर नागपुर आकर अपनी मां की खोज शुरू करेंगे। उन्होंने अपनी मां को ढूंढने के लिए कई NGO, नगर पालिका और पुलिस की मदद मांगी है। नीदललैंड के हीमस्टेड से मेयर हैं फाल्गुन फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। हीमस्टेड नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। फाल्गुन ने नीदरलैंड में एक डच महिला से शादी की। दोनों के चार बच्चे हैं। फाल्गुन कहते हैं कि उनकी पत्नी उन्हें हमेशा से अपनी जड़ों को खोजने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने अपनी बेटी का नाम अपनी मां के नाम पर रखा है। ऐसा ही एक और किस्सा पढ़िए… 5 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ा, ऑस्ट्रेलियाई दंपती ने गोद लिया 37 साल पहले खंडवा के गणेश तलाई में रहने वाला शेरू पिता मोहसिन खान 5 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गया था। 1988 में खंडवा रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बड़े भाई गुड्डू के साथ वह बुरहानपुर जा रहा था। वे दोनों भीख मांगने या छोटे काम करने जाते थे। बुरहानपुर स्टेशन पर गुड्डू ने शेरू से कहा कि वह थोड़ी देर इंतजार करे। शेरू थककर एक खाली ट्रेन में सो गए। जब वे जागे, तो ट्रेन चल रही थी। वे ट्रेन से उतर नहीं सके और यह ट्रेन उन्हें सीधे कोलकाता के हावड़ा स्टेशन ले गई। यहां लावारिस हालत में उसे भटकते देख एक NGO ने उसे चाइल्ड केयर में रखा। जहां से उसे ऑस्ट्रेलिया के एक दंपती ने गोद लिया था। यहां शेरू एक सफल बिजनेसमैन बने। गूगल मैप के जरिए मां को खोजा होश संभालने के बाद से वह हमेशा अपने असल परिवार से मिलना चाहता था। उसने टेक्नोलॉजी की मदद ली और गूगल मैप समेत कई मीडिया ग्रुप्स के जरिए परिवार को खोजने की कोशिश जारी रखी। काफी सालों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार उसने अपने परिवार को खोज ही निकाला। इसका जिक्र उसने अपनी किताब ‘अ लॉन्ग वे होम’ में भी किया था। 2012 में, शेरू भारत आए और खंडवा पहुंचे। उन्होंने अपनी पुरानी फोटोज दिखाईं और स्थानीय लोगों की मदद से अपनी मां कमला से मिले। शेरू की कहनी पर फिल्म ‘लॉयन’ बनी शेरू अब होबार्ट में रहते हैं, लेकिन भारत में अपनी मां के लिए घर खरीद दिया ताकि वे काम न करें। वे कई बार भारत आए हैं और परिवार से संपर्क में रहते हैं। 2019 में उन्होंने अपने पिता की खोज शुरू की। शेरू की कहानी 2013 में ऑस्ट्रेलिया में प्रकाशित हुई। इसमें उनके बचपन, अलगाव, गोद लेने और खोज की पूरी डिटेल है। यह 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज हुई। इस किताब पर 2016 में फिल्म ‘लॉयन’ बनी, जिसका निर्देशन गर्थ डेविस ने किया। फिल्म को 6 ऑस्कर नॉमिनेशन मिले। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन स्वदेश- ईरान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करेगी सरकार:पहला विमान आज तेहरान से दिल्ली आएगा; स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन पूरा, पासपोर्ट जमा किए ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने वहां से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। सरकार ने भारतीयों की वापसी के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू किया है। पहली विशेष फ्लाइट आज तेहरान से नई दिल्ली पहुंचेगी। पूरी खबर पढ़ें…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

दावा नॉर्वे के पूर्व pm ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर पर टॉयलेट की दिक्कत:45 मिनट तक लाइन में लग रहे सैनिक; डिजाइन में खामी के चलते टॉयलेट जाम

अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर पर टॉयलेट की दिक्कत:45 मिनट तक लाइन में लग रहे सैनिक; डिजाइन में खामी के चलते टॉयलेट जाम

पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड जैमिनी के खिलाफ:जैश लश्कर ने मदरसों में ai इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड-जैमिनी के खिलाफ:जैश-लश्कर ने मदरसों में AI इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा- इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

अमेरिका का दावा चीन ने 2020 में छुपकर न्यूक्लियर टेस्ट किया:जानबूझकर ताकत बढ़ा रहा, 6 साल में 400 हथियार बनाए; अमेरिका की बराबरी करना चाहता

अमेरिका का दावा- चीन ने 2020 में छुपकर न्यूक्लियर-टेस्ट किया:जानबूझकर ताकत बढ़ा रहा, 6 साल में 400 हथियार बनाए; अमेरिका की बराबरी करना चाहता

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प बोले अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प बोले- अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे

मेक्सिको गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको- गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });