खेल मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल संबंध निलंबित ही रहेंगे। भारत की खेल नीति उसकी कूटनीतिक नीति के अनुसार ही चलेगी। इसके तहत भारतीय टीमें द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भ हालांकि, विश्व कप या ओलंपिक जैसे बहुपक्षीय आयोजनों में दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकेंगे। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने यह निर्देश भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों को भेजा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के मामले में भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी है, जो पिछले महीने पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह है। साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था उस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी क्रिकेट पर सबसे ज्यादा असर, 2012 से नहीं हुई द्विपक्षीय सीरीज सरकार के इ इस रुख का सबसे ज्यादा असर क्रिकेट पर पड़ा है. भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012-13 में हुई थी, जब पाकिस्तान की टीम भारत आई थी. इसके बाद से दोनों टीमें एक-दूसरे के साथ खेल रही हैं. वे केवल एशिया कप और आईसीसी टूर्नामेंट में ही एक दूसरे के सामने आई हैं। खेल मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बाइलेटरल खेल संबंध सस्पेंड ही रहेंगे। सरकार ने एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी कर कहा है कि भारत की खेल नीति उसकी कूटनीतिक नीति के अनुसार ही चलेगी। इसके तहत भारतीय टीमें बाइलेटरल सीरीज खेलने पाकिस्तान नहीं जाएंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, वर्ल्ड कप या ओलिंपिक जैसे मल्टीलेटरल इवेंट्स में दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकेंगे। स्पोर्ट्स फेडरेशन और IOA को जारी हुआ सर्कुलर युवा मामले और खेल मंत्रालय ने यह निर्देश भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और सभी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशनों को भेज दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के मामले में भारत का रुख बिल्कुल साफ है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी है, जो पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। उस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी। क्रिकेट पर सबसे ज्यादा असर, 2012 से नहीं हुई बाइलेटरल सीरीज सरकार के इस रुख का सबसे ज्यादा असर क्रिकेट पर पड़ा है। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बाइलेटरल सीरीज 2012-13 में हुई थी, जब पाकिस्तान की टीम भारत आई थी। इसके बाद से दोनों टीमें केवल एशिया कप और ICC टूर्नामेंट्स में ही एक-दूसरे के सामने आई हैं। हाल क खेल मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बाइलेटरल खेल संबंध सस्पेंड ही रहेंगे। सरकार ने एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी कर कहा है कि भारत की खेल नीति उसकी कूटनीतिक नीति के अनुसार ही चलेगी। इसके तहत भारतीय टीमें बाइलेटरल सीरीज खेलने पाकिस्तान नहीं जाएंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, वर्ल्ड कप या ओलिंपिक जैसे मल्टीलेटरल इवेंट्स में दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकेंगे। स्पोर्ट्स फेडरेशन और IOA को जारी हुआ सर्कुलर युवा मामले और खेल मंत्रालय ने यह निर्देश भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और सभी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशनों को भेज दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के मामले में भारत का रुख बिल्कुल साफ है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी है, जो पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। उस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी। क्रिकेट पर सबसे ज्यादा असर, 2012 से नहीं हुई बाइलेटरल सीरीज सरकार के इस रुख का सबसे ज्यादा असर क्रिकेट पर पड़ा है। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बाइलेटरल सीरीज 2012-13 में हुई थी, जब पाकिस्तान की टीम भारत आई थी। इसके बाद से दोनों टीमें केवल एशिया कप और ICC टूर्नामेंट्स में ही एक-दूसरे के सामने आई हैं। हाल क
पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला पर प्रतिबंध जारी रहेगा: भारत सरकार ने कहा- न हमारी टीम वहां जाएगी, न उन्हें यहां बुलाएंगे; बहुपक्षीय टूर्नामेंट में खेलेंगे
By worldprime
On: मई 7, 2026 8:24 पूर्वाह्न
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