25 वर्षीय गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। उसन बोल्ट ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह टीवी पर यह देख रहे थे बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते थे, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते थे। कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। रूममेट बोला- ‘फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे’, गोल्ड जीतकर जवाब दिया 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदर उन्होंने 6 महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर की हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। 25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे। बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। 2 फोटो देखिए… लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। रूममेट बोला- ‘फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे’, गोल्ड जीतकर जवाब दिया 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने 6 महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे। रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कम 25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे। बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। 2 फोटो देखिए… लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। रूममेट बोला- ‘फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे’, गोल्ड जीतकर जवाब दिया 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने 6 महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे। रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कम
पिता से उसेन बोल्ट के किस्से सुनकर धावक बने गुरिंदरवीर: स्मार्ट फोन से दूरी बनाई, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे
By worldprime
On: मई 25, 2026 8:23 पूर्वाह्न
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