पुस्तक – ‘ध्रुव’ लेखक – गौरांग दर्शन दास अनुवाद – घनश्याम शर्मा प्रकाशक – पेंगुइन मूल्य – 250 रुपए ‘ध्रुव’ गौरांग दर्शन दास द्वारा लिखी गई एक स्वयं सहायता पुस्तक है। और संन्यासी हैं, उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु से मास्टर डिग्री हासिल की है। वह ‘इस्कॉन गोवर्धन इकोविलेज’ में भक्तिवेदांत विद्वान हैं। 192 पन्नों की यह किताब पौराणिक राजकुमार ध्रुव की कहानी के साथ ही अस्वीकृति, संघर्ष, रिश्तों और आंतरिक शांति की खोज की भी कहानी है। क्या भाग्य ही हमारे जीवन को तय करता है, इसके बाद यह धीरे धीरे पाठक को इस निष्कर्ष पर ले जाता है कि असली बदलाव हमारी मानसिकता, धैर्य और नजरिया गौरांग दर्शन दास इस पुस्तक में श्रीमद्भागवत की कथा को आधुनिक जीवन के सवालों से जोड़ते हैं। यही कारण है कि पुस्तक केवल धार्मिक या आध्यात्मिक प ध्रुव का उद्देश्य पाठकों को राजकुमार ध्रुव की प्रेरणादायक कहानी को समझाना है। के माध्यम से सफलता और रिश्तों के लिए व्यावहारिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। यह पुस्तक कई सवालों के जवाब देती है, जैसे – क्या आप पाठकों को ‘जैविक सफलता’ के लिए प्रेरित करेंगे?
पुस्तक समीक्षा- भाग्य हमारा जीवन नहीं बनाता: हम इसे अपनी मेहनत से बनाते हैं, इस पुस्तक को पढ़ें और जीवन की कमान अपने हाथों में लें
By worldprime
On: मई 28, 2026 9:43 पूर्वाह्न
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