एशियाई खेलों में भारत को शूटिंग का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। पूर्व निशानेबाज रणधीर ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 5 ओलंपिक खेलों और एक राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। 1979 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल शूटर हैं, 2022 में रजत जीता था रणधीर अपने पीछे पत् नी विनीता और 3 बेटियां (महिमा, सुनैना और राजेश्वरी) छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैप शूटिंग करती हैं। राजेश्वरी ने 2022 एशियाई खेलों में भाग लिया। रणधीर के परिवार के कई सदस्यों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके चाचा महाराजा यादविन्द्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे आईओसी के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी प्रथम श्रेणी क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक आईओसी के सदस्य थे। किसने क्या कहा… अब रणधीर सिंह के बारे में जानें… खेलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बाद? एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग का पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। पूर्व निशानेबाज रणधीर ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें 2024 में 4 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 5 ओलिंपिक गेम्स और एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से हिस्सा लिया। उन्हें 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल शूटर हैं, 2022 में सिल्वर जीता था रणधीर अपने पीछे पत्नी विनीता और 3 बेटियां (महिमा, सुनैना और राजेश्वरी) छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल लेवल पर ट्रैप शूटिंग करती हैं। राजेश्वरी ने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। रणधीर के परिवार से कई सदस्यों ने भारत को रिप्रेजेंट किया है। उनके चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे IOC के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक IOC सदस्य थे। किसने क्या कहा… अब रणधीर सिंह के बारे में जानिए… ——————————————————- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के ब? एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग का पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। पूर्व निशानेबाज रणधीर ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें 2024 में 4 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 5 ओलिंपिक गेम्स और एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से हिस्सा लिया। उन्हें 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल शूटर हैं, 2022 में सिल्वर जीता था रणधीर अपने पीछे पत्नी विनीता और 3 बेटियां (महिमा, सुनैना और राजेश्वरी) छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल लेवल पर ट्रैप शूटिंग करती हैं। राजेश्वरी ने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। रणधीर के परिवार से कई सदस्यों ने भारत को रिप्रेजेंट किया है। उनके चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे IOC के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक IOC सदस्य थे। किसने क्या कहा… अब रणधीर सिंह के बारे में जानिए… ——————————————————- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के ब?
पूर्व निशानेबाज रणधीर सिंह का निधन: भारत को एशियाड में शूटिंग का पहला गोल्ड दिलाया; ओसीए प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय
By worldprime
On: मई 27, 2026 1:39 अपराह्न
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