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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फैसला 2-3 महीनों में:सरकार बोली- ईरान जंग में खरीदा महंगा कच्चा तेल प्रोसेस हो रहा, कंपनियों को ₹74,781 करोड़ घाटा

On: जुलाई 2, 2026 6:28 अपराह्न
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो-तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। लागत से कम दाम पर ईंधन बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को 25 जून तक 23,2119.79 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आने लगी हैं। अगर यह 2114.79-2102.57 महीने तक चला तो महीनों में तेल कीमतों में राहत की उम्मीद है। तेल कंपनियों ने मई में दाम बढ़ाए थे प्राइवेट कंपनी के दाम बढ़ाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाई थीं। मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल ₹299.57-₹723 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 272 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 2110% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। अप्रैल-जून तिमाही में डीजल पर अंडर रिकवरी ₹270 लाख करोड़ पेट्रोलियम मंत्री ने कंपनियों को हुए घाटे का पूरा ब्योरा (अंडर रिकवरी) देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनियों को अलग-अलग ईंधन पर नुकसान हुआ है। इस तिमाही में पेट्रोल पर 19,905 करोड़ रुपए की अंडर रिकवरी हुई, जबकि डीजल पर यह आंकड़ा 1.44 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं, रसोई गैस पर अप्रैल से जून के बीच कंपनियों को 24,148 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अगर पिछली तिमाहियों और पिछले साल के LPG के नुकसान को भी जोड़ दिया जाए, तो तेल कंपनियों का कुल नुकसान (टोटल अंडर रिकवरी) 2.1 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच जाता है। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कंपनियों का कुल नुकसान 1103,781 करोड़ रुपए रहा है। क्या आने वाले दिनों में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल? कीमतों में कटौती पर पुरी ने कहा कि रिटेल प्राइज में कमी का सवाल तभी जायज होगा, जब आने वाले अगले कुछ हफ्तों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह निचले स्तर पर स्थिर बने रहें। अगर कीमतें अगले कुछ हफ्तों तक कम रहती हैं, तो निश्चित रूप से कंपनियां इस पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक पुराने महंगे स्टॉक की भरपाई नहीं हो जाती, तब तक बाजार की स्थिति पर नजर रखनी होगी। नायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता बता दें कि देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल सस्ता होने से घटाए दाम 27 फरवरी को अमेरिका-ईरान जंग से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 72 डॉलर प्रति बैरल पर थे, जो युद्ध के के दौरान 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए थे। दोनों देशों के बीच समझौते के बाद अब वापस कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। सरकारी कंपनियों ने नहीं घटाए दाम अभी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप पर ‘यूजरनेम की’ के बिना मैसेज नहीं होंगे: सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा वॉट्सएप ने अपने आने वाले ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर एक डिटेल्ड FAQs यानी अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस जारी कर इस फीचर से होने वाले संभावित फ्रॉड के खतरों पर चिंता जताई थी। सरकार ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस मुद्दे पर पूरी संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे रोलआउट न किया जाए। इसके बाद वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा के क्या-क्या कदम उठा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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