रविवार को भारतीय टीम घर पर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। टूर्नामेंट शुरू होने के पहले दिन से ही टीम इंडिया खिताब की सबसे प्रब दावेदार थी, लेकिन ट्रॉफी के आंकड़े अलग कहानी कहते थे. किसी टीम ने टी20 विश्व कप के लगातार दो संस्करण नहीं जीते थे और न ही कोई टीम घर पर यह ट्रॉफी जीत पाई थी। लेकिन भारत ने अपने खेल से इन सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। भारत ने अहमदाबाद के उस डर को भी पीछे छोड़ दिया, जो फाइनल से पहले हर फैन को सता रहा था। भारत इसी मैदान पर वनडे विश्व कप का फाइनल हारी थी। तब टीम की छवि ऐसी बन गई थी कि वह सेमीफाइनल और फाइनल तक तो दावेदार के अंदाज में खेलती है, लेकिन आखिरी पड़ा 2024 में टी20 विश्व कप फाइनल और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतकर टीम ने उस छवि को काफी हद तक पीछे छोड़ दिया था। फिर भी सवाल था कि क्या इस बा और टीम भी बिना दबाव के उसी तरह खेल पाएगी? क्या एक लाख दर्शकों की उम्मीदों का बोझ फिर से हावी हो जाएगा? लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम ने जिस एकतरफा अंदाज में 96 रन से फाइनल जीता, उसमें डर नहीं, दबदबा दिखा। लगातार दो बार स्कोरबोर्ड पर 250+ का स्कोर लगाना इस बात का सबूत था। कि टीम अब डरकर नहीं खेल रही थी, बल्कि उसके पास एक परफेक्ट गेमप्लान था, जो किसी भी दबाव से बड़ा साबित हुआ। रविवार को भारतीय टीम घर पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। टूर्नामेंट शुरू होने के पहले दिन से ही टीम इंडिया खिताब की सबसे प्रबल दावेदार थी, लेकिन ट्रॉफी के आंकड़े अलग कहानी कहते थे। किसी टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के लगातार दो संस्करण नहीं जीते थे और न ही कोई टीम घर पर यह ट्रॉफी जीत पाई थी। लेकिन भारत ने अपने खेल से इन सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। भारत ने अहमदाबाद के उस डर को भी पीछे छोड़ दिया, जो फाइनल से पहले हर फैन को सता रहा था। 2023 में टीम इंडिया इसी मैदान पर वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल हारी थी। तब टीम की छवि ऐसी बन गई थी कि वह सेमीफाइनल और फाइनल तक तो दावेदार के अंदाज में खेलती है, लेकिन आखिरी पड़ाव पर हार जाती है। 2024 में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल और 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीतकर टीम ने उस छवि को काफी हद तक पीछे छोड़ दिया था। फिर भी सवाल था कि क्या इस बार भी टीम बिना दबाव के उसी तरह खेल पाएगी? क्या एक लाख दर्शकों की उम्मीदों का बोझ फिर से हावी हो जाएगा? लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम ने जिस एकतरफा अंदाज में 96 रन से फाइनल जीता, उसमें डर नहीं, दबदबा दिखा। लगातार दो बार स्कोरबोर्ड पर 250+ का स्कोर लगाना इस बात का सबूत था कि टीम अब डरकर नहीं खेल रही थी, बल्कि उसके पास एक परफेक्ट गेमप्लान था, जो किसी भी दबाव से बड़ा साबित हुआ। शायद उसी गेमप्लान के दम पर ट रविवार को भारतीय टीम घर पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। टूर्नामेंट शुरू होने के पहले दिन से ही टीम इंडिया खिताब की सबसे प्रबल दावेदार थी, लेकिन ट्रॉफी के आंकड़े अलग कहानी कहते थे। किसी टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के लगातार दो संस्करण नहीं जीते थे और न ही कोई टीम घर पर यह ट्रॉफी जीत पाई थी। लेकिन भारत ने अपने खेल से इन सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। भारत ने अहमदाबाद के उस डर को भी पीछे छोड़ दिया, जो फाइनल से पहले हर फैन को सता रहा था। 2023 में टीम इंडिया इसी मैदान पर वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल हारी थी। तब टीम की छवि ऐसी बन गई थी कि वह सेमीफाइनल और फाइनल तक तो दावेदार के अंदाज में खेलती है, लेकिन आखिरी पड़ाव पर हार जाती है। 2024 में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल और 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीतकर टीम ने उस छवि को काफी हद तक पीछे छोड़ दिया था। फिर भी सवाल था कि क्या इस बार भी टीम बिना दबाव के उसी तरह खेल पाएगी? क्या एक लाख दर्शकों की उम्मीदों का बोझ फिर से हावी हो जाएगा? लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम ने जिस एकतरफा अंदाज में 96 रन से फाइनल जीता, उसमें डर नहीं, दबदबा दिखा। लगातार दो बार स्कोरबोर्ड पर 250+ का स्कोर लगाना इस बात का सबूत था कि टीम अब डरकर नहीं खेल रही थी, बल्कि उसके पास एक परफेक्ट गेमप्लान था, जो किसी भी दबाव से बड़ा साबित हुआ। शायद उसी गेमप्लान के दम पर ट
भारत ने दो बार 250 प्लस स्कोर किए: संजू के प्रयोग से बदली बैटिंग, औसत दोगुना
By worldprime
On: मार्च 10, 2026 8:41 पूर्वाह्न
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