आईपीएल 2026 में जब भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मुश्किल वक्त में विकेट की जरूरत पड़ी, कप्तान रजत पाटीदार की नजर सबसे पहले एक ही खिलाड़ी पर गई- भुवनेश्वर कुम उम्र 36 साल, शरीर पहले जैसा तेज नहीं, लेकिन अनुभव और दिमाग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत. मुंबई के खिलाफ रायपुर में आखिरी ओवर का रोमांच खत्म हुए मुश्किल से ए क दिन हुआ था, पर चार विकेट लेने और बल्ले से आखिरी ओवर में अहम रन बनाने वाले भुवी के चेहरे पर न कोई अतिरिक्त उत्साह था और न ही कोई दिखावा। हाल ही में आर. अश्विन ने मजाक में कहा था कि भुवनेश्वर को फिर से भारत की टी20 टीम में होना चाहिए। जब यह बात उनसे पूछी गई तो वे मुस्कुराए और बोले, ‘अश्विन को ही सेलेक्टर बना दो’। यही सहजता भुवनेश्वर की सबसे बड़ी पहचान है. इस सीजन उनके नाम 21 विकेट हैं और वह पर्पल कैप होल्डर हैं. आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बनने का र लेकिन भुवनेश्वर के लिए आंकड़ों से ज्यादा अहम है मानसिक संतुलन। उस दिन मैंने उसे स्वीकार कर लिया था. 10 साल तक सब कुछ देखा था. इसलिए अलग होना आसान था.’ कभी सिर्फ स्विंग गेंदबाज माने जाने वाले भुवनेश्वर ने अब खुद को टी20 के लिए तैयार कर लिया है. साब से बदल लिया है. उनकी न? आईपीएल 2026 में जब भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मुश्किल वक्त में विकेट की जरूरत पड़ी, कप्तान रजत पाटीदार की नजर सबसे पहले एक ही खिलाड़ी पर गई- भुवनेश्वर कुमार। उम्र 36 साल, शरीर पहले जैसा तेज नहीं, लेकिन अनुभव और दिमाग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत। मुंबई के खिलाफ रायपुर में आखिरी ओवर का रोमांच खत्म हुए मुश्किल से एक दिन हुआ था, पर चार विकेट लेने और बल्ले से आखिरी ओवर में अहम रन बनाने वाले भुवी के चेहरे पर न कोई अतिरिक्त उत्साह था और न ही कोई दिखावा। वह शांति से बैठे थे, जैसे यह सब उनके लिए सामान्य हो। हाल ही में आर. अश्विन ने मजाक में कहा था कि भुवनेश्वर को फिर से भारत की टी20 टीम में होना चाहिए। जब यह बात उनसे पूछी गई तो वे मुस्कुराए और बोले, ‘अश्विन को ही सलेक्टर बना दो।’ यही सहजता भुवनेश्वर की सबसे बड़ी पहचान है। इस सीजन उनके नाम 21 विकेट हैं और वह पर्पल कैप होल्डर हैं। आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी उन्होंने इसी साल बनाया। लेकिन भुवनेश्वर के लिए आंकड़ों से ज्यादा अहम है मानसिक संतुलन। वे कहते हैं, ‘जिस दिन मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, उसी दिन मैंने उसे स्वीकार कर लिया था। 10 साल तक सब कुछ देखा था। इसलिए अलग होना आसान था।’ कभी सिर्फ स्विंग गेंदबाज माने जाने वाले भुवनेश्वर ने अब खुद को टी20 के हिसाब से बदल लिया है। उनकी न? आईपीएल 2026 में जब भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मुश्किल वक्त में विकेट की जरूरत पड़ी, कप्तान रजत पाटीदार की नजर सबसे पहले एक ही खिलाड़ी पर गई- भुवनेश्वर कुमार। उम्र 36 साल, शरीर पहले जैसा तेज नहीं, लेकिन अनुभव और दिमाग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत। मुंबई के खिलाफ रायपुर में आखिरी ओवर का रोमांच खत्म हुए मुश्किल से एक दिन हुआ था, पर चार विकेट लेने और बल्ले से आखिरी ओवर में अहम रन बनाने वाले भुवी के चेहरे पर न कोई अतिरिक्त उत्साह था और न ही कोई दिखावा। वह शांति से बैठे थे, जैसे यह सब उनके लिए सामान्य हो। हाल ही में आर. अश्विन ने मजाक में कहा था कि भुवनेश्वर को फिर से भारत की टी20 टीम में होना चाहिए। जब यह बात उनसे पूछी गई तो वे मुस्कुराए और बोले, ‘अश्विन को ही सलेक्टर बना दो।’ यही सहजता भुवनेश्वर की सबसे बड़ी पहचान है। इस सीजन उनके नाम 21 विकेट हैं और वह पर्पल कैप होल्डर हैं। आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी उन्होंने इसी साल बनाया। लेकिन भुवनेश्वर के लिए आंकड़ों से ज्यादा अहम है मानसिक संतुलन। वे कहते हैं, ‘जिस दिन मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, उसी दिन मैंने उसे स्वीकार कर लिया था। 10 साल तक सब कुछ देखा था। इसलिए अलग होना आसान था।’ कभी सिर्फ स्विंग गेंदबाज माने जाने वाले भुवनेश्वर ने अब खुद को टी20 के हिसाब से बदल लिया है। उनकी न?
भुवनेश्वर 21 विकेट लेकर इस आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाज: अनुशासन व धैर्य ने बनाया खतरनाक गेंदबाज, जरूरत के हिसाब से खेल बदलकर बने घातक
By worldprime
On: मई 15, 2026 3:09 अपराह्न
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