‘धुरंधर’ से बड़ी पहचान बनाने वाली सिंगर जैस्मीन सैंडलस की जिंदगी सफलता के साथ संघर्ष और दर्द से भरी रही है। एक वक्त वह अंदर से टूट गई थीं और शराब की लत में फंस गई थीं। आज वह उस दौर पर पछतावा मानती हैं। अमेरिका में शुरुआती साल बेहद कठिन रहे। माता-पिता ने बेहतर भविष्य के लिए सबकुछ छोड़ दिया। पिता भारत में अच्छी नौकरी छोड़कर पेट्रोल पंप पर काम करने लगे, जबकि मां फैक्ट्री में मजदूरी करती थीं। परिवार ने गरीबी में दिन गुजारे। इन हालातो के बावजूद जैस्मीन ने म्यूजिक का साथ नहीं छोड़ा। ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ से उन्हें पहचान मिली, लेकिन ‘धुरंधर’ के गानों ने उन्हें नई ऊंचाई तक पहुंचाया। आज की सक्सेस स्टोरी में जानिए जैस्मीन सैंडलस के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… गायिकी की प्रेरणा मां से मिली जैस्मीन सैंडलस का जन्म 4 सितंबर 1985 को पंजाब के जालंधर में हुआ। वह साधारण पंजाबी परिवार से हैं। बचपन से उन्हें मां से गायिकी की प्रेरणा मिली, जो उन्हें गाने के लिए प्रोत्साहित करती थीं। स्कूल के दिनों से उन्होंने स्टेज पर गाना शुरू किया और कम उम्र में ही गाने लिखने लगी थीं। अमेरिका का सफर: बेहतर भविष्य की तलाश करीब 12-13 साल की उम्र में उनका परिवार कैलिफोर्निया शिफ्ट हो गया। शुरुआती समय में वे न्यूयॉर्क भी रहीं। उन्हें इंग्लिश नहीं आती थी, इसलिए लोकल स्कूल ?
मां ने मजदूरी की, पिता पेट्रोल भरते थे:पिता नहीं रहे तो शराब में डूबीं, बोलीं- पछतावा है; ‘धुरंधर’ ने सिंगर जैस्मीन को पहचान दी
By worldprime
On: मई 1, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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