बॉलीवुड एक्टर, सिंगर और थियेटर आर्टिस्ट रघुवीर यादव जयपुर में आयोजित बच्चों की क्यूरियो थिएटर वर्कशॉप के समापन पर आए। उन्होंने कहा- थिएटर केवल अभिनय की कला नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पाठशाला है। बच्चों को बचपन से ही रंगमंच, संगीत और कला से जोड़ दिया जाए तो उनका व्यक्तित्व निखरता है। फिल्म पीपली लाइव के फेमस गाने ‘महंगाई डायन खाय जात है’ का गाना आज भी लोगों को काफी पंसद है। इस पर उन्होंने कहा- महंगाई तो मेरे बचपन से बढ़ती ही चली आ रही है। गाने में ‘सैयां’ पर ज्यादा जोर दिया था। महंगाई से ज्यादा बुरा हाल तो सैयां का है। अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पंचायत के नए सीजन पर कहा कि अभी इसकी शूटिंग चल रही है। एक्टर ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ी कई बात भास्कर के साथ साझा की। पढ़िए- सवाल: जयपुर में बच्चों की थिएटर वर्कशॉप में आए हैं। बच्चों को रंगमंच से जोड़ना कितना जरूरी है? रघुवीर यादव: बहुत जरूरी है। रंगमंच ही ऐसी विधा है जो जीने का सलीका सिखाती है, दिशा दिखाती है कि आपको अपने आप को कैसे बचाकर, बनाकर और समझदारी से आगे बढ़ना है। थिएटर कभी वक्त जाया करना नहीं सिखाता, बल्कि जो समय आपके पास है उसका सही इस्तेमाल करना सिखाता है। अगर बच्चों को छोटी उम्र से ही थिएटर की आदत डाल दी जाए और इसके मायने समझा दिए जाएं तो जिंदगी काफी आसान हो जाती है। बच्चे तो वैसे भी होनहा?
रघुवीर यादव बोले-महंगाई से ज्यादा बुरा हाल सैयां का है:पंचायत सीरीज पर बोले- आधी शूटिंग हो चुकी; बच्चों को थिएटर से जोड़े
By worldprime
On: जून 8, 2026 10:53 पूर्वाह्न
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