रांची के ED ऑफिस में झारखंड पुलिस जांच करने के लिए पहुंची है। दरअसल, ED के दो अफसरों पर एक व्यक्ति ने पूछताछ के नाम पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। ED दफ्तर में सदर DSP और एयरपोर्ट थाना के प्रभारी मौजूद हैं। वहीं ED ने सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल पुलिस फोर्सेस को बुलाया है। रांची पुलिस की ओर से अब भी जांच चल ही रही है। पेयजल विभाग के कर्मचारी ने दर्ज कराई FIR रांची के चुटिया के संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों पर मारपीट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में FIR दर्ज कराई है। इस मामले में ED के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम को आरोपी बनाया गया है। संतोष पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल रांची में कैशियर हैं। उन पर शहरी जलापूर्ति योजना की राशि में से 20 करोड़ रुपए से अधिक का गबन करने का आरोप है। पहले उन्हें रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अभी वे जमानत पर जेल से बाहर हैं। घोटाले के इस मामले की जांच ED कर रही है। जानिए, FIR की पूरी कहानी इधर, संतोष की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, संतोष को 20203 जनवरी को सुबह 10 बजे ED कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश मोबाइल फोन पर दिया गया था। वह सुबह 9.45 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि दोपहर करीब 1.35 बजे असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक ने उन्हें अपने केबिन में बुलाया, जहां पहले से शुभम मौजूद थे। पूछताछ के दौरान उनसे आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई और गालियां दीं। 16 जनवरी को दोबारा पेश होने के लिए जबरन लिखवाया पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे 16 जनवरी को दोबारा ED कार्यालय में पेश होने से संबंधित आवेदन जबरन लिखवाया गया। रात 10.45 बजे तक उन्हें कार्यालय में रोके रखा गया, ताकि वे घटना की सूचना अपने परिवार, वकील, थाना या मीडिया को न दे सकें। छोड़ते समय भी उन्हें और उनके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। इधर, एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डंडे से हमला करने का आरोप, सिर पर छह टांके लगे प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने डंडे से संतोष पर हमला किया और जान से मारने की नीयत से लगातार मारते हुए कहा कि अगर मर भी जाओगे तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मारपीट के कारण उनका सिर फट गया और ज्यादा खून बहा। संतोष कुमार का आरोप है कि दोपहर करीब 2 बजे उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां सिर में छह टांके लगे। अस्पताल में भी उन्हें धमकाया गया कि डॉक्टर को चोट लगने की सच्चाई न बताएं। नहीं तो उन्हें और उनके परिवार को जेल भेज दिया जाएगा। FIR के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद उन्हें दोबारा ED कार्यालय ले जाया गया, जहां सबूत मिटाने की नीयत से जबरन खून से सनी टी-शर्ट उतरवा कर नई टी-शर्ट पहनाई गई। आरोप है कि इसके बाद उनसे घटना की रिपोर्ट लिखे एक कागज पर जबरन दस्तखत कराए गए, जिसे उन्हें पढ़ने तक नहीं दिया गया। 18 दिसंबर, 2023 को सदर थाना में दर्ज हुई FIR संतोष कुमार के खिलाफ 18 दिसंबर 2023 में रांची के सदर थाने में FIR दर्ज हुई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने मार्च 2020 में एलएंडटी कंपनी के फर्जी बिल के आधार पर 2.17 करोड़ रुपए फर्जी खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसी केस के आधार पर ED जांच कर रही है। बाबूलाल मरांडी बोले- झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे झारखंड के पूर्व CM बाबूलाल मरांडी ने कहा, झारखंड में पहले भी ईडी के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ED पर हमले की कोशिशें भी हो चुकी हैं। ऐसी घटनाएं जांच एजेंसियों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्य में बाधा डालने का प्रयास है। हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए… झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी।
रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस:अधिकारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट का आरोप; सेंट्रल फोर्स के जवान बुलाए गए
By worldprime
On: जनवरी 15, 2026 12:45 अपराह्न
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