18 जुलाई 2012 दोपहर में खबर आई, सुपरस्टार राजेश खन्ना, ‘काका बाबू’ अब नहीं रहे। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थे। फैंस की भीड़ कई दिनों से उनकी सलामती के लिए कार्टर रोड स्थित आशीर्वाद बंगले के बाहर भीड़ लगाकर दुआ कर रहे थे। फिर जैसे ही हर न्यूज चैनल, फेसबुक, ट्विटर में उनकी मौत की खबर आई, जल्द ही आशीर्वाद के सामने मातम मना रहे फैंस का जन सैलाब आ गया। तेज बारिश भी फैंस को रोक नहीं सकी। 5 दशकों के फिल्मी करियर में बनाए गए उनके दोस्त-यार भी जल्द ही घर पहुंचने लगे। अमिताभ बच्चन ने राजेश खन्ना के आखिरी दर्शन किए और उनके घर में रखे सोफे पर जा बैठे, तभी राजेश खन्ना के करीबी उनके पास आकर खड़े हुए और भारी गले, लड़खड़ाती हुई आवाज में कहा- उनके आखिरी शब्द थे, ‘टाइम हो गया है, पैक अप।’ नम आखों के साथ वो शख्स वहां से चला गया। आशीर्वाद बंगले के आसपास की ट्रैफिक व्यवस्था ठप होने लगी। भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया, कई बैरिकेड्स लगाए गए, लेकिन भीड़ पर काबू पाना मुश्किल था। न्यूज चैनलों में राजेश खन्ना की फिल्म आनंद का एक सीन बार-बार चल रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘बाबूमोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं।’ फिल्म में जब उन्हें मरते देखने में ही फैंस का कलेजा फटता था, फिर तो आज उनकी असल में मौत हो चुकी थी। अगले दिन 19 जुलाई 2012 को उनका अंतिम संस्कार हुआ। सुबह से
राजेश खन्ना की पुण्यतिथि:मां-बाप पाकिस्तान भागे, रिश्तेदारों ने पाला, आखिरी शब्द-पैकअप टाइम हो गया, बंगले में तोहफों के 65 सूटकेस मिले, जानिए मौत की कहानी
By worldprime
On: जुलाई 18, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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