कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के एग्जाम के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का ठेका दिया है, उसके पहले नाम ग्लोबारिना था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। वहीं, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। CBSE आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी, किसी भी बोर्ड में ऐसा पहली बार सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की अस
राहुल ने CBSE एग्जाम की जांच कंपनी पर सवाल उठाया:पूछा- COEMPT और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध; बोर्ड बोला- गड़बड़ी के आरोप गलत
By worldprime
On: मई 27, 2026 8:47 अपराह्न
---Advertisement---