भारतीय क्रिकेट के ‘विनोद’ यानी विनोद कांबली इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। कभी मैदान पर चौके-छक्के जड़ने वाला यह दिग्गज बल्लेबाज आज च चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार, कांबली के मस्तिष्क में एक ‘ब्लड क्लॉट’ (रक्त का थक्का) है, जिसकी वजह से वह बीमार हो गया है। उन्हें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है भूल जाते हैं कि सिगरेट नहीं पीना है कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली की मानसिक स्थिति काफी नाजुक है उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। लोग भूल जाते हैं कि उन्हें धूम्रपान नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोगों को लगता है कि वे ‘दिग्गज कांबली’ हैं। बचपन के दोस्त सचिन और पुराने साथी बने ‘सहारा’ कांबली की इस मुश्किल घड़ी में उन बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर मजबूती से साथ खड़े हैं। सचिन पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों इस ग्रुप के जरिए पूर्व खिलाड़ी कांबली भारतीय क्रिकेट के ‘विनोद’ यानी विनोद कांबली इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। कभी मैदान पर चौके-छक्के जड़ने वाला यह दिग्गज बल्लेबाज आज चलने-फिरने और याददाश्त खोने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली के दिमाग में एक ‘ब्लड क्लॉट’ (खून का थक्का) है, जिसकी वजह से उन्हें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है। भूल जाते हैं कि सिगरेट नहीं पीना है कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली की मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। कूटो के मुताबिक, “कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोगों को लगता है कि वे ‘दिग्गज कांबली’ की मदद कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि यह उनके दिमाग के लिए कितना खतरनाक है।” बचपन के दोस्त सचिन और पुराने साथी बने ‘सहारा’ कांबली की इस मुश्किल घड़ी में उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर मजबूती से साथ खड़े हैं। सचिन पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों ने एक खास वॉट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के जरिए पूर्व खिलाड़ी कांबली भारतीय क्रिकेट के ‘विनोद’ यानी विनोद कांबली इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। कभी मैदान पर चौके-छक्के जड़ने वाला यह दिग्गज बल्लेबाज आज चलने-फिरने और याददाश्त खोने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली के दिमाग में एक ‘ब्लड क्लॉट’ (खून का थक्का) है, जिसकी वजह से उन्हें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है। भूल जाते हैं कि सिगरेट नहीं पीना है कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली की मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। कूटो के मुताबिक, “कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोगों को लगता है कि वे ‘दिग्गज कांबली’ की मदद कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि यह उनके दिमाग के लिए कितना खतरनाक है।” बचपन के दोस्त सचिन और पुराने साथी बने ‘सहारा’ कांबली की इस मुश्किल घड़ी में उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर मजबूती से साथ खड़े हैं। सचिन पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों ने एक खास वॉट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के जरिए पूर्व खिलाड़ी कांबली
विनोद कांबली को ‘ब्रेन स्ट्रोक’ का खतरा:दिमाग में क्लॉटिंग, याददाश्त भी कमजोर; मदद के लिए पूर्व क्रिकेटर दोस्तों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया
By worldprime
On: अप्रैल 15, 2026 7:15 अपराह्न
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