गर्मियों में तापमान बढ़ने से शरीर में निर्जलीकरण का खतरा बढ़ जाता है। यह सामान्य है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी रक्त परिसंचरण और दिल की धड़कन को भी नियंत्रित करता है? जब शरीर में द्रव की कमी होती है, तो रक्त का थक्का लगने लगता है और हार्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी शुरू हो जाती है, जिससे रक्तचाप (बीपी) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर कोई पहले से ही हाई बीपी या हृदय रोग से जूझ रहा है तो निर्जलीकरण एक ‘साइलेंट थ्रेट’ साबित हो सकता है। और यह भी पता चलता है कि – निर्जलीकरण क्या है और यह कब होता है? उत्तर: निर्जलीकरण वह स्थिति है जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटेशियम) की कमी हो जाती है। यह आमतौर पर अधिक पसीना आना, उल्टी, दस्त, , बुखार या पर्याप्त पानी नहीं पीने से होता है। गर्म मौसम, भारी शारीरिक गतिविधि और लंबे समय तक धूप में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर – शरीर में द्रव की कमी होने पर निर्जलीकरण होता है। प्रश्न – निर्जलीकरण के दौरान शरीर में ऐसा क्या होता है जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है? उत्तर – शरीर का पानी की कमी को संतुलित करने का प्रयास?
शारीरिक स्वास्थ्य- निर्जलीकरण होने पर रक्तचाप बढ़ सकता है: उच्च बीपी है तो गर्मियों में ध्यान रखें, डॉक्टर से समझें हाइड्रेशन का विज्ञान
By worldprime
On: मार्च 23, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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