एक फिल्ममेकर ने एक फिल्म बनाने की सोची, चूंकि उसमें न एक्शन था, न रोमांस, न गाने, इसलिए कोई भी प्रोड्यूसर पैसा लगाने के लिए राजी नहीं हुआ। तब उन्होंने फिल्म के लिए अपनी सेविंग, LIC पॉलिसी और यहां तक कि बीवी के जेवर भी गिरवी रख दिए और किसी तरह शूटिंग शुरू की। लेकिन बीच में ही पैसे खत्म होने के चलते शूटिंग रुक गई, तब सरकार ने लोन समझकर फिल्म बनाने के लिए पैसा दिया। जिसके चलते फिल्म किसी तरह पूरी हुई। जब फिल्म रिलीज हुई, तो पहले दो हफ्तों में रिस्पॉन्स ठंडा रहा, लेकिन तीसरे हफ्ते से हर रोज फिल्म हाउसफुल होने लगी और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी इस फिल्म से बेहद प्रभावित हुए। फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड समेत इंटरनेशनल लेवल पर भी कई अवॉर्ड जीते और इंडियन सिनेमा को नई पहचान दी। यह फिल्म थी पाथेर पांचाली और फिल्ममेकर थे सत्यजीत रे। सत्यजीत रे की आज 34वीं डेथ एनिवर्सरी है। आइए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से जानते हैं। किस्सा-1 इटैलियन फिल्म देखकर फिल्ममेकिंग का फैसला किया सत्यजीत रे का जन्म 2 मई 1921 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ। उनका परिवार साहित्य और कला से जुड़ा था। पिता सुकुमार रे फेमस लेखक और चित्रकार थे। रे जब वे बहुत छोटे थे, उनके पिता का निधन हो गया। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। पिता के निधन के बाद घर की सारी जिम्मेदारी मां प?
सत्यजीत रे की 34वीं डेथ एनिवर्सरी:सरकार से लोन लेकर बनाई पहली फिल्म; नेहरू की डॉक्यूमेंट्री बनाने से इनकार, मृत्यु शैया पर दी ऑस्कर स्पीच
By worldprime
On: अप्रैल 23, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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