केंद्र सरकार OFS के जरिए कोल इंडिया की 2490% हिस्सेदारी बेच रही है। इस बिक्री में 226% शेयरों का बेस ऑफर और ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर अतिरिक्त 25.25% हिस्सेदारी बिक्री शामिल है। इस घोषणा के बाद आज 212 मई को इसके शेयर 217% गिरकर 2917 रुपए पर आ गए। हालांकि अब इसमें थोड़ी रिकवरी आई है और ये वापस 393 पर पहुंच गया है। सरकार ने इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹239 प्रति शेयर तय किया है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 2458% कम है। सरकार का लक्ष्य ₹2522 हजार करोड़ तक जुटाना है। OFS विंडो 27 मई और 29 मई को खुली रहेगी चौथी तिमाही में 12% बढ़ा मुनाफा, ₹5.25 प्रति शेयर डिविडेंड मार्च तिमाही (Q4) में कोल इंडिया का प्रदर्शन स्थिर रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹4583,908 करोड़ रुपए रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी 6% बढ़कर ₹46,490 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है, जो आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। तिमाही के दौरान EBITDA 12% बढ़कर ₹17,917 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 36% से सुधरकर 39% हो गया। ब्रोकरेज फर्म्स की राय और फ्यूचर टारगेट ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने इस शेयर पर अपनी ‘अक्युमुलेट’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को ₹458 से बढ़ाकर ₹522 प्रति शेयर कर दिया है। नॉलेज पार्ट : ऑफर फॉर सेल: यह लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटरों के लिए एक्सचेंज के जरिए अपनी हिस्सेदारी पारदर्शी तरीके से बेचने का एक आसान तरीका है। इसमें मुख्य रूप से बड़े संस्थागत और रिटेल निवेशक हिस्सा लेते हैं और यह सामान्य IPO की तुलना में तेजी से पूरा होता है।
सरकारी हिस्सेदारी बिक्री की खबर से कोल इंडिया 5% गिरा:₹5000 करोड़ जुटाने का प्लान, रिटेल निवेशक 29 मई को बोली लगा सकेंगे
By worldprime
On: मई 27, 2026 12:57 अपराह्न
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