केंद्र सरकार ने शनिवार को 22019 लोगों को आतंकी घोषित किया है। सरकार का कहना है कि ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और जमात-उद-दावा (JuD) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। सरकार के मुताबिक ये लोग आतंकियों की भर्ती, भारत में घुसपैठ, आतंकी हमलों की साजिश, आतंक के लिए पैसे जुटाने, हथियार पहुंचाने और अन्य मदद करने में शामिल रहे हैं। घोषित 231 आतंकियों में 11 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी हैं, जबकि 12 पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इनमें 7 पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) और 4 पाकिस्तान में रह रहे हैं। इन 23 नामों के जुड़ने के बाद सरकार की तरफ से घोषित आतंकियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। कुछ आतंकी 20193 नगरोटा आर्मी कैंप हमला और 2022 सुनजवां हमले से जुड़े सरकार ने जिन जैश आतंकियों को लिस्ट में शामिल किया है। उनमें कुछ 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले और 2022 के सुनजवां हमले से जुड़े बताए जा रहे हैं। 29 नवंबर 2016 को जम्मू के नगरोटा आर्मी कैंप पर सेना की वर्दी पहनकर आए तीन आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 7 जवान शहीद हुए थे, जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए। जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुनजवां इलाके में आतंकियों ने CISF के जवानों को ले जा रही बस पर हमला किया। इस हमले में एक CISF जवान शहीद हुआ और कई अन्य घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। बाद में जांच में सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी। LeT आतंकी संगठन 39 साल तो JeM संगठन 26 साल पुराना सरकार की तरफ से आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया सवाल-जवाब में… सवाल: सरकार किस कानून के तहत आतंकी घोषित करती है? जवाब: UAPA यानी अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट, 1967 भारत का आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों से निपटने का कानून है। 2019 में संशोधन के बाद सरकार को अधिकार मिला कि वह किसी व्यक्ति को भी ‘आतंकी’ घोषित कर सकती है। पहले सिर्फ आतंकी संगठनों को ही प्रतिबंधित किया जा सकता था। सवाल: किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार किसके पास है? जवाब: केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) के पास यह अधिकार है। गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी कर उस व्यक्ति का नाम UAPA की चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) में जोड़ देता है। सवाल: सरकार किस आधार पर किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करती है? जवाब: यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों, आतंकी हमलों, भर्ती, फंडिंग, हथियारों की तस्करी या आतंकियों की मदद में शामिल है, तो उसे आतंकी घोषित किया जा सकता है। सवाल: आतंकी घोषित होने के बाद क्या होता है? जवाब: व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है, उसकी संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा सकती है और उसके वित्तीय लेनदेन व गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है। सवाल: क्या व्यक्ति इस फैसले को चुनौती दे सकता है? जवाब: हां। वह केंद्र सरकार से अपना नाम हटाने की मांग कर सकता है। मांग खारिज होने पर वह रिव्यू कमेटी और फिर अदालत का रुख कर सकता है। हालांकि पाकिस्तानी आतंकियों के केस में अदालत में चुनौती देने का सवाल नहीं उठता। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी नागरिक अरेस्ट: LoC से घुसपैठ कर अंदर आ गया था जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तान के एक घुसपैठिए को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, इस महीने जिले में पकड़ा गया यह तीसरा पाकिस्तानी घुसपैठिया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 31 साल के रईस खान के रूप में हुई है। जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का निवासी है। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार ने 23 नए आतंकी घोषित किए:12 पाकिस्तान के रहने वाले; 11 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी; लिस्ट में कुल 80 नाम
By worldprime
On: जुलाई 4, 2026 11:31 पूर्वाह्न
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