CBSE ने छात्रों की आंसरशीट बदले जाने और कम नंबर के विवाद में एक्शन लेना शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिक्षा मंत्रालय ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश का मन बना लिया है। हालांकि, CBSE अधिकारियों ने गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया और कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के अनुसार ही दिया गया था। CBSE ने यह ठेका 5 दिसंबर को कोएम्प्ट एडुटेक को दिया गया था। यानी 17 फरवरी को पहली बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक 74 दिन पहले। राहुल गांधी भी लगातार बोर्ड और शिक्षा मंत्री पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि OSM के लिए टेंडर प्रक्रिया से किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया। पोर्टल आज से फिर चालू, कल दिनभर नहीं खुला बोर्ड की रीवैल्युएशन साइट सोमवार देर शाम तक नहीं खुल सकी। इससे लाखों छात्र परेशान हुए। बोर्ड की तरफ से दिनभर यही कहा गया कि ‘पोर्टल विल गो लाइव सून’। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पोर्टल पर लगातार ‘अनॉथराइज इंटरफियरेंस’ जारी है यानी हैकिंग की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, मंगलवार को बोर्ड ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए उसका बहुप्रतीक्षित वेरिफिकेशन और र
सरकार ने CBSE से OSM टेंडर पर रिपोर्ट मांगी:राहुल का आरोप था- टेंडर से खास वेंडर को फायदा; रीवैल्युएशन पोर्टल हैक होने की आशंका
By worldprime
On: जून 2, 2026 8:53 पूर्वाह्न
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