रायपुर : छत्तीसगढ़ में एआई तकनीक के इस्तेमाल से धान ख़रीदी में जारी सुनियोजित अफरा-तफरी का बड़ा खुलासा हुआ है| सर्तकता एप्प ने एक ही झटके में 22 करोड़ से ज्यादा की धान की खेप की खेप ठिकाने लगाने की कार्य योजना को उजागर कर दिया है| इस एआई तकनीक के इस्तेमाल से यह भी खुलासा हुआ है,कि सरकारी-गैर सरकारी चूहों ने हफ्ते में सिर्फ 5 दिन,कार्यालयीन समय अर्थात सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच 30 क्विंटल भार क्षमता के वाहनों से 240 क्विंटल धान की 795 खेप इधर से उधर कर दी थी|जबकि,शाम को धान खरीदी का वक़्त खत्म होने से लेकर सुबह कार्यालय शुरू होने के पूर्व कितना माल ठिकाने लगाया गया,इसका डाटा जांच का प्रमुख विषय बताया जा रहा है| सर्तकता एप्प का डाटा तस्दीक करता है, कि मात्र 26 दिन के भीतर,”1 दिसंबर 2025 से लेकर 06 जनवरी 2026″ के बीच सरकारी- गैर सरकारी चूहें 22 करोड़ से ज्यादा की धान चट कर गए|राज्य में खाद्य माफियाओं के लिए धान खरीदी मोटी कमाई का जरिया बन गया है | सर्तकता एप्प पर भरोसा करे तो प्रदेश में रोजाना बड़े पैमाने पर धान की अफ़रा -तफरी की जा रही है|अंदेशा जाहिर किया जा रहा है,कि कुछ खास माध्यमों से यह धान “ब्लैक मार्केट” में खपाया जा रहा है| मार्कफेड, कोऑपरेटिव बैंक,DRCS,DMO और खाद्य विभाग के कुछ चिन्हित अधिकारियों की सांठगांठ से सरकारी तिजोरी पर सीधे तौर पर हाथ साफ़ किया जा रहा है
सर्तकता ऐप से पकड़े गए सरकारी और गैर-सरकारी चूहों का बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ में AI तकनीक से रोजाना 1 करोड़ रुपये मूल्य का धान अवैध ठिकाने लगाया गया। 30 क्विंटल क्षमता वाले वाहनों से 240 क्विंटल धान की तस्करी, मात्र 26 दिनों में 22 करोड़ से अधिक की 795 खेपों की अफरा-तफरी।
By worldprime
On: जनवरी 24, 2026 2:57 अपराह्न
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