साइबर अपराधियों ने निर्दोष लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपनाए हैं। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को इस बारे में सतर्क किया है। पुलिस के अनुसार, ठग भीड़ और उच्च स्थानों (जैसे मॉल, मेट्रो स्टेशन और बाजार) पर लोगों से मोबाइल से जुड़ी मदद मांगते हैं। वे खुद को तकनीकी रूप से कम अवेयर दिखाते हैं। वीडियो ऑडियो रिकॉर्डिंग मोड में होता है. जैसे ही व्यक्ति मदद के लिए फोन उठाता है, कुछ ही सेकंड में उसका चेहरा और आवाज रिकॉर्ड हो जाती है. इसे फेस-वॉइस क्लोनिंग घोटाला कहा जाता है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी इस घोटाले को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘फेस-वॉयस क्लोनिंग’ घोटाले के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि – एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सुरक्षा सलाहकार, उत्तर प्रदेश रदेश पुलिस सवाल- ‘चेहरे-आवाज क्लोनिंग’ घोटाला क्या है? उत्तर – यह एक नया एआई आधारित साइबर धोखाधड़ी है जिसमें ठग व्यक्ति के चेहरे और आवाज के छोटे-छोटे नमूने रिकॉर्ड करके उसकी डिजिटल प्रतिलिपि (क्लोन) बना लेते हैं। चेहरा-आवाज
साइबर लिटरेसी- लोगों की पहचान चुराने वाले ठग:आवाज की नकल से हो रही फेस-वॉइस क्लोनिंग, इस खतरनाक स्कैम से बचें, 10 सावधानियां बरतें
By worldprime
On: जून 28, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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