क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

स्वदेशी वॉरशिप INS महेंद्रगिरि आज नौसेना में शामिल होगा:एंटी सबमरीन सिस्टम-एडवांस मिसाइलों से लैस; हाई स्पीड, रडार पर ट्रैक कर पाना मुश्किल

On: जुलाई 11, 2026 5:30 पूर्वाह्न
Follow Us:
red and white modern breaking news youtube thumbnail
---Advertisement---

भारतीय नौसेना को शुक्रवार को एक और वॉरशिप मिलने जा रहा है। स्वदेशी तकनीक से तैयार स्टेल्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरि’ को विशाखापट्टनम में नौसेना में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17A की नीलगिरि कैटेगरी का छठा स्टेल्थ फ्रिगेट है। इसे भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है और मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने तैयार किया है। महेंद्रगिरि हिंद महासागर में भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगी। साथ ही इंडो-पैसिफिक रीजन को सुरक्षित और स्थिर बनाने में भूमिका निभाएगा। पहले देखिए INS महेंद्रगिरि की तस्वीरें… 75% से ज्यादा स्वदेशी तकनीक: युद्धपोत में 75% से ज्यादा स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके निर्माण में देशभर की कई MSME कंपनियों ने भी योगदान दिया है, जिससे रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। मॉडर्न हथियारों से लैस: महेंद्रगिरि में आधुनिक सरफेस-टू-सरफेस और सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम और इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। स्टेल्थ तकनीक और हाई-स्पीड क्षमता: महेंद्रगिरि में उन्नत स्टेल्थ तकनीक दी गई है, जिससे इसकी रडार पर पहचान करना मुश्किल होगा। इसमें कम्बाइंड डीजल और गैस (CODOG) प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जो इसे लंबी दूरी तक तेज गति से संचालन की क्षमता देता है। जानिए क्या होता है स्टेल्थ फ्रिगेट स्टेल्थ फ्रिगेट ऐसा वॉरशिप है, जिसे रडार, इंफ्रारेड सेंसर, सोनार और दुश्मन के सर्विलांस सिस्टम भी आसानी से नहीं पहचान सकते हैं। यानी दुश्मन के लिए उसे ढूंढना और निशाना बनाना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। अब जानिए प्रोजेक्ट 17A के बारे में… प्रोजेक्ट-17A (Project 17A) के तहत भारतीय नौसेना के लिए कुल 7 स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। इनमें से 4 युद्धपोत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स मुंबई बना रहा है। 3 युद्धपोत गार्डन रीच शिप बिल्डर्स कोलकाता बना रहा है। प्रोजेक्ट-17A, प्रोजेक्ट-17 (शिवालिक क्लास) का एडवांस्ड वर्जन है। इसमें पहली बार भारत में बड़े युद्धपोतों के निर्माण में इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन (ब्लॉक निर्माण) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इसमें जहाज के अलग-अलग हिस्से पहले तैयार किए जाते हैं और बाद में उन्हें जोड़कर पूरा युद्धपोत बनाया जाता है। इससे निर्माण का समय कम होता है और गुणवत्ता बेहतर रहती है। भास्कर नॉलेज… INS महेंद्रगिरि का नाम जिस महेंद्रगिरि पर्वत पर रखा गया है, उसका धार्मिक महत्व भी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्वत भगवान परशुराम की तपस्थली थी। रामायण में भी इसका उल्लेख मिलता है। भारतीय नौसेना अपनी कई युद्धपोतों के नाम देश के ऐतिहासिक पर्वतों, नदियों और विरासत से जुड़े स्थलों पर रखती है, जिससे सैन्य परंपरा और सांस्कृतिक पहचान दोनों को सम्मान मिलता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

ट्रम्प बोले-मेरी हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई, आदेश दे चुका:ईरान से बातचीत जारी पर सीजफायर खत्म; रिपोर्ट- अमेरिका ने इजराइल से फाइटर जेट्स हटाए

red and white modern breaking news youtube thumbnail

भास्कर अपडेट्स:उमर अब्दुल्ला बोले- हमें अभी तक दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली; जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग

red and white modern breaking news youtube thumbnail

भास्कर अपडेट्स:उमर अब्दुल्ला बोले- हमें अभी तक दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली; जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग

red and white modern breaking news youtube thumbnail

यूपी- सहारनपुर में बारिश से कब्रिस्तान से शव बाहर आए:उत्तराखंड-हिमाचल में लैंडस्लाइड, 438 सड़कें बंद; सैटेलाइट इमेज में राजस्थान-गुजरात से बादल गायब

red and white modern breaking news youtube thumbnail

यूपी- सहारनपुर में बारिश से कब्रिस्तान से शव बाहर आए:उत्तराखंड-हिमाचल में लैंडस्लाइड, 438 सड़कें बंद; सैटेलाइट इमेज में राजस्थान-गुजरात से बादल गायब

red and white modern breaking news youtube thumbnail

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });