रांची में आयोजित एथलेटिक्स फेडरेशन कप में भोपाल के देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर की समान छलांग लगाकर मेन्स पोल वॉल्ट का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसके चंद घंटों बाद दोनों को अपने फाइबरग्लास पोल ई-रिक्शा में लादकर होटल ले जाना पड़ा। मंगलवार को देव और कुलदीप की फोटो, जिसमें वे 5 फीट लंबे पोल को ई-रिक्शा इस तस्वीर में खिलाड़ियों की दुर्दशा साफ देखी जा सकती है। जबकि, देव और कुलदीप ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से होने वाले पन्वेल स्टेशन टीसी ने ट्रेन से उतार दिया था इसी साल दोनों को ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप से लौटते हुए उस समय पनवेल स्टेशन पर एक टीसी ने ट्रेन से उतार दिया था। अफसरों का कहना था कि इतने लंबे पोल बोगी में नहीं ले जाया जा सकता। इस मामले को मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश सारंग ने संज्ञान लिया था और रेलवे से एथलीट को पोल ले जाने की परमिशन दिलाने की बात कही थी। तेमाल होने वाले ये विशेष पोल इतने लंबे और संवेदनशील होते हैं कि इन्हें संभालना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं होता। ताकि कोई खरोंच या किसी तरह का दबाव न आए। दोनों ने 5.45 मीटर की छलांग लगाई। रांची में आयोजित एथलेटिक्स फेडरेशन कप में भोपाल के देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर की समान छलांग लगाकर मेंस पोल वॉल्ट का नेशनल रिकॉर्ड बनाया। लेकिन, इसके चंद घंटों बाद दोनों को अपने फाइबरग्लास पोल ई-रिक्शा में लादकर होटल ले जाना पड़ा। मंगलवार को देव और कुलदीप की फोटो, जिसमें वे 5 फीट लंबे पोल को ई-रिक्शा में लाद रहे हैं, चर्चा में रही। इस तस्वीर में खिलाड़ियों की दुर्दशा साफ देखी जा सकती है। जबकि, देव और कुलदीप ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। पनवेल स्टेशन TC ने ट्रेन से उतार दिया था इसी साल दोनों को ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप से लौटते समय पनवेल स्टेशन पर एक TC ने ट्रेन से उतार दिया था। अफसरों का कहना था कि इतने लंबे पोल बोगी में नहीं ले जाए जा सकते। इस मामले को मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने संज्ञान लिया था और रेलवे से एथलीट को पोल ले जाने की परमीशन दिलाने की बात कही थी। पूरी खबर बेहद नाजुक होते हैं फाइबरग्लास पोल पोल वॉल्ट में इस्तेमाल होने वाले ये विशेष पोल इतने लंबे और संवेदनशील होते हैं कि इन्हें संभालना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं होता। इसका रखरखाव बड़ी सावधानी से करना पड़ता है। ताकि कोई स्क्रैच या किसी तरह का दवाब न आए। दोनों ने 5.45 मीटर छला रांची में आयोजित एथलेटिक्स फेडरेशन कप में भोपाल के देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर की समान छलांग लगाकर मेंस पोल वॉल्ट का नेशनल रिकॉर्ड बनाया। लेकिन, इसके चंद घंटों बाद दोनों को अपने फाइबरग्लास पोल ई-रिक्शा में लादकर होटल ले जाना पड़ा। मंगलवार को देव और कुलदीप की फोटो, जिसमें वे 5 फीट लंबे पोल को ई-रिक्शा में लाद रहे हैं, चर्चा में रही। इस तस्वीर में खिलाड़ियों की दुर्दशा साफ देखी जा सकती है। जबकि, देव और कुलदीप ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। पनवेल स्टेशन TC ने ट्रेन से उतार दिया था इसी साल दोनों को ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप से लौटते समय पनवेल स्टेशन पर एक TC ने ट्रेन से उतार दिया था। अफसरों का कहना था कि इतने लंबे पोल बोगी में नहीं ले जाए जा सकते। इस मामले को मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने संज्ञान लिया था और रेलवे से एथलीट को पोल ले जाने की परमीशन दिलाने की बात कही थी। पूरी खबर बेहद नाजुक होते हैं फाइबरग्लास पोल पोल वॉल्ट में इस्तेमाल होने वाले ये विशेष पोल इतने लंबे और संवेदनशील होते हैं कि इन्हें संभालना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं होता। इसका रखरखाव बड़ी सावधानी से करना पड़ता है। ताकि कोई स्क्रैच या किसी तरह का दवाब न आए। दोनों ने 5.45 मीटर छला
हमारे चैंपियन की दुर्दशा…:ई-रिक्शा में पोल ढोते दिखे गोल्ड मेडलिस्ट देव मीणा, मुंबई में टीसी ने ट्रेन से उतारा था
By worldprime
On: मई 26, 2026 5:30 पूर्वाह्न
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