भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा IPO आने जा रहा है। स्टेट बैंक की सब्सिडियरी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने इसके लिए बुधवार देर रात अपना RHP यानी, रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल किया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 11,693 करोड़ रुपए तक जुटाएगी। 14 जुलाई को खुलेगा IPO, प्राइस बैंड ₹545 रुपए से ₹574 रुपए इस IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपए से 574 रुपए तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऐलान से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 830 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपना पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खोलेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 183 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, इसकी जॉइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी के बराबर यानी 2540 करोड़ शेयर ओपन मार्केट में ऑफलोड करेगी। वर्तमान में SBI और अमुंडी के पास कंपनी की करीब 22024% हिस्सेदारी है। शुरुआत में अमुंडी की यह हिस्सेदारी सोसिते जेनेराल SA के पास थी, जिसे जून 22 में अमुंडी को ट्रांसफर किया गया था। यह इस साल का पहला एक बिलियन डॉलर से बड़ा IPO होगा। मार्केट सेंटिमेंट: ट्रम्प के बयान से बाजार में गिरावट, लेकिन टाइमलाइन पर असर नहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद पिछले महीने कई बड़े IPO फाइल किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने की बात की। इससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2691% से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। बाजार में अनिश्चितता रहेगी, लेकिन हमारा भरोसा कायम कंपनी के नमैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवाशीष मिश्रा ने कहा, “बाजार हमेशा अनिश्चित रहेगा, लेकिन हमारी कंपनी में लोगों का भरोसा हमेशा बना रहेगा। अगर बाजार के हालात मौजूदा स्थिति से भी बदतर होते, तो भी हमारे लॉन्च की टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि इस IPO से कंपनी को बाजार में जरूरी विजिबिलिटी मिलेगी। इससे हम ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनेंगे, जिससे म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ₹22 लाख करोड़ के एसेट्स के साथ देश का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर कंपनी की 2073 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, SBI फंड्स म्यूचुअल फंड बिजनेस में 213 करोड़ यूनिक निवेशकों को अपनी सेवाएं देता है और कुल 221 म्यूचुअल फंड स्कीम्स मैनेज करता है। यह कुल ₹218 लाख करोड़ से अधिक के एसेट के साथ भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर है। कंपनी का तीन सालों का वित्तीय लेखा-जोखा वित्त वर्ष 221 में रेवेन्यू ₹4,390 करोड़ रहा। ये वित्त वर्ष 2025 के ₹3,598 करोड़ से 22% ज्यादा है। मुनाफा 183% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया जो पहले ₹2,540 करोड़ था। वहीं वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹2,691 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,073 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। टाइमलाइन: 18 जुलाई को अलॉटमेंट और 21 जुलाई को होगी लिस्टिंग SBI फंड्स के IPO का अलॉटमेंट 18 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को NSE और BSE दोनों पर की जाएगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस’ (RHP) रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स की जानकारी और IPO की वजहों की पूरी डिटेल होती है।
2026 का सबसे बड़ा IPO लॉन्च करेगा SBI फंड्स:प्राइस बैंड ₹545-574 तय, 14 जुलाई से खुलेगा इश्यू; ₹11,693 करोड़ जुटाने का टारगेट
By worldprime
On: जुलाई 9, 2026 8:24 अपराह्न
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