सरकार ने शुक्रवार (16 जनवरी) को देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 242 वेबसाइट्स के लिंक्स ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। ‘ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ बबने के बाद ये सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कदम युवाओं को वित्तीय और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, “ऑनलाइन गेमिंग एक्ट संसद में पास होने के बाद से प्रवर्तन कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है।” सरकार का लक्ष्य उन प्लेटफार्मों पर नकेल कसना है जो त्वरित धन का लालच देकर लोगों को गुमराह करते हैं। अगस्त में बना था ऑनलाइन गेमिंग पर कानून प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। WHO ने भी माना गेमिंग डिसऑर्डर को गंभीर बीमारी सट्टेबाजी और जुए की लत सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। WHO के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है जिसमें व्यक्ति का खेल पर नियंत्रण नहीं रहता, वह दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करने लग?
242 अवैध ऑनलाइन गेमिंग लिंक ब्लॉक किए गए: अब तक 7800 से अधिक वेबसाइट्स बंद, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा नया बढ़ावा
By worldprime
On: जनवरी 16, 2026 9:56 अपराह्न
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