सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया कि हर स्कूल में लड़कियों को फ्री में सैनेटरी पैड बांटना अनिवार्य होगा। लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाने होंगे। जो स्कूल ऐसा नहीं कर पाएंगे उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांग-अनुकूल (डिसेबल-फ्रेंडली) टॉयलेट बनाए जाएं। जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने क्लास 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की मेंस्ट्रुअल हाइजिन पॉलिसी (मासिक धर्म स्वच्छता नीति) को पूरे भारत में लागू करने पर यह आदेश सुनाया। कोर्ट के 2 सवाल… हम खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सुप्रीम कोर्ट बोला-हर स्कूल में लड़कियों को सैनेटरी पैड मिले:लड़के-लड़कियों के अलग टॉयलेट हों; नियम का उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी
By worldprime
On: जनवरी 30, 2026 2:49 अपराह्न
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