जब मुझे पता चला कि मेरा विनेश फोगाट के साथ मैच होगा तो मैंने अपनी प्रैक्टिस बढ़ा दी। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि विनेश सीनियर खिलाड़ी हैं और उनका एक्सपीरियंस है। यंस भी ज्यादा है। गेम तभी जीत पाऊंगी, जब गलतियां कम करूंगी। फिलहाल कई वर्षों से वह अपने परिवार के साथ सोनीपत में रह रही हैं। मीनाक्षी का कहना है कि मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर विनेश के सामने मै फाइनल में हार पर मीनाक्षी ने कहा कि रेफरी ने अंतिम पंघाल को गलत पॉइंट दिए। हमने वीडियो यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को भेजा है। जल्द ही पता चल जाएगा। कि मेरा ऑब्जेक्शन सही था या गलत। दैनिक भास्कर से बातचीत में मीनाक्षी ने कुश्ती की शुरुआत, अपने रूटीन और एशियन गेम्स के ट्रायल के बारे में बताया। साक्षात्कार… रिपोर्टर: कुश्ती में आने की प्रेरणा कहां से मिली? मीनाक्षी: मेरे पिता कोई पहलवान नहीं हैं। मैं WWE फाइट देखती थी। जॉन सीना की फैन होने की वजह से कुश्ती में दिलचस्पी बढ़ी। स्कूल टाइम में ही मैं कुश्ती के मैदान मेरे पिता साधारण किसान हैं और करीब दो एकड़ जमीन है। उन्हें कुश्ती के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मैंने कुश्ती खेलने की बात कही और वे? जब मुझे पता चला कि मेरा विनेश फोगाट के साथ मैच होगा तो मैंने अपनी प्रैक्टिस बढ़ा दी। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि विनेश सीनियर खिलाड़ी हैं और उनका एक्सपीरियंस भी ज्यादा है। गेम तभी जीत पाऊंगी, जब गलतियां कम करूंगी। एशियन गेम्स-2026 के ट्रायल्स के सेमीफाइनल में रेसलर विनेश को हराने वाली मीनाक्षी गोयत मूल रूप से जींद की रहने वाली हैं। फिलहाल कई सालों से वह अपने परिवार के साथ सोनीपत में रह रही हैं। मीनाक्षी का कहना है कि मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर विनेश के सामने मैच जीता। फाइनल में हार पर मीनाक्षी ने कहा कि रेफरी ने अंतिम पंघाल को गलत पॉइंट दिए। हमने वीडियो यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को भेजा है। जल्द ही पता चला जाएगा कि मेरा ऑब्जेक्शन सही था या गलत। दैनिक भास्कर से बातचीत में मीनाक्षी ने कुश्ती की शुरुआत, अपने रूटीन और एशियन गेम्स के ट्रायल के बारे में बताया। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… रिपोर्टर: कुश्ती में आने की प्रेरणा कहां से मिली? मीनाक्षी: मेरे पिता कोई पहलवान नहीं हैं। मैं WWE फाइट देखती थी। जॉन सीना की फैन होने की वजह से कुश्ती में दिलचस्पी बढ़ी। स्कूल टाइम में ही मैं कुश्ती के मैदान में उतर गई थी। मेरे पिता साधारण किसान हैं और करीब दो एकड़ जमीन है। उन्हें रेसलिंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मैंने कुश्ती खेलने की बात कही तो उन्होंन? जब मुझे पता चला कि मेरा विनेश फोगाट के साथ मैच होगा तो मैंने अपनी प्रैक्टिस बढ़ा दी। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि विनेश सीनियर खिलाड़ी हैं और उनका एक्सपीरियंस भी ज्यादा है। गेम तभी जीत पाऊंगी, जब गलतियां कम करूंगी। एशियन गेम्स-2026 के ट्रायल्स के सेमीफाइनल में रेसलर विनेश को हराने वाली मीनाक्षी गोयत मूल रूप से जींद की रहने वाली हैं। फिलहाल कई सालों से वह अपने परिवार के साथ सोनीपत में रह रही हैं। मीनाक्षी का कहना है कि मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर विनेश के सामने मैच जीता। फाइनल में हार पर मीनाक्षी ने कहा कि रेफरी ने अंतिम पंघाल को गलत पॉइंट दिए। हमने वीडियो यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को भेजा है। जल्द ही पता चला जाएगा कि मेरा ऑब्जेक्शन सही था या गलत। दैनिक भास्कर से बातचीत में मीनाक्षी ने कुश्ती की शुरुआत, अपने रूटीन और एशियन गेम्स के ट्रायल के बारे में बताया। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… रिपोर्टर: कुश्ती में आने की प्रेरणा कहां से मिली? मीनाक्षी: मेरे पिता कोई पहलवान नहीं हैं। मैं WWE फाइट देखती थी। जॉन सीना की फैन होने की वजह से कुश्ती में दिलचस्पी बढ़ी। स्कूल टाइम में ही मैं कुश्ती के मैदान में उतर गई थी। मेरे पिता साधारण किसान हैं और करीब दो एकड़ जमीन है। उन्हें रेसलिंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मैंने कुश्ती खेलने की बात कही तो उन्होंन?
‘विनेश फोगाट से मैच का पता चलते ही प्रैक्टिस बढ़ाई’: रेसलर मीनाक्षी बोलीं- पहले ही सोच लिया था, गेम तभी जीतूंगी, जब गलतियां कम करूंगी
By worldprime
On: जून 1, 2026 5:00 पूर्वाह्न
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