हरियाणा के रोहतक के गांव घिलौड़ के रहने वाले मयंक चौधरी का चयन यूएई की अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट टीम में हुआ है। मयंक अब भारत और श्रीलंका की मेजबाजी में हैं। मयंक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना दो बार हरियाणा रणजी टीम के कैंप में भी चयन हुआ, लेकिन फाइनल टीम का हिस्सा नहीं बन सके। इसके बाद परिवार के लोगों ने क्रिकेट छोड़कर नौकरी करने और बिजनेस करने का मन बना लिया। करने तक की सलाह दी, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। मयंक ने परिवार से थोड़ा समय मांगा और खूब मेहनत की। क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज से भी बा अब उनकी मेहनत रंग लाई है. यूएई की टीम विश्व कप टूर्नामेंट में ग्रुप डी में है, जो न्यूजीलैंड, कनाडा, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका से मैच खेली। मयंक चौधरी कौन हैं, क्या करता है परिवार, कैसे हरियाणा से यूएई की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने, पढ़िए पूरी कहानी… हरियाणा के स्कूल क्रिकेटर से यूएई नेशनल टीम मेंबर बनने का सफर… यूएई क्रिकेटर मयंक चौधरी से जुड़ी कुछ खास बातें… मयंक की उपलब्धि पर परिजन क्या बोले, 2 पॉइंट मां बोलीं- कई साल की मेहनत का मिला फल मां राजेश देवी ने बताया कि मयंक ने सालों तक काफी मेहनत की है। हरियाणा के रोहतक के गांव घिलौड़ के रहने वाले मयंक चौधरी का चयन यूएई की अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट टीम में हुआ है। मयंक अब भारत और श्रीलंका की मेजबाजी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में 10 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगे। मयंक को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। दो बार हरियाणा रणजी टीम के कैंप में भी चयन हुआ, लेकिन फाइनल टीम का हिस्सा नहीं बन सके। इसके बाद परिवार के लोगों ने क्रिकेट छोड़कर नौकरी करने और बिजनेस करने तक की सलाह दी, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। मयंक ने परिवार से थोड़ा समय मांगा और खूब मेहनत की। क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज से भी बारीकियां सीखीं। अब उनकी मेहनत रंग लाई है। यूएई की टीम वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में ग्रुप डी में है, जो न्यूजीलैंड, कनाड़ा, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका से मैच खेलेगी। मयंक चौधरी कौन हैं, क्या करता है परिवार, कैसे हरियाणा से यूएई के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने, पढ़िए पूरी कहानी… हरियाणा के स्कूल क्रिकेटर से यूएई नेशनल टीम मेंबर बनने का सफर… यूएई क्रिकेटर मयंक चौधरी से जड़ी कुछ खास बातें… मयंक की उपलब्धि पर परिजन क्या बोले, 2 पॉइंट्स… मां बोलीं- कई साल की मेहनत का मिला फल मां राजेश देवी ने बताया कि मयंक ने सालों तक काफी मेहनत की है। भार? हरियाणा के रोहतक के गांव घिलौड़ के रहने वाले मयंक चौधरी का चयन यूएई की अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट टीम में हुआ है। मयंक अब भारत और श्रीलंका की मेजबाजी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में 10 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगे। मयंक को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। दो बार हरियाणा रणजी टीम के कैंप में भी चयन हुआ, लेकिन फाइनल टीम का हिस्सा नहीं बन सके। इसके बाद परिवार के लोगों ने क्रिकेट छोड़कर नौकरी करने और बिजनेस करने तक की सलाह दी, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। मयंक ने परिवार से थोड़ा समय मांगा और खूब मेहनत की। क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज से भी बारीकियां सीखीं। अब उनकी मेहनत रंग लाई है। यूएई की टीम वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में ग्रुप डी में है, जो न्यूजीलैंड, कनाड़ा, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका से मैच खेलेगी। मयंक चौधरी कौन हैं, क्या करता है परिवार, कैसे हरियाणा से यूएई के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने, पढ़िए पूरी कहानी… हरियाणा के स्कूल क्रिकेटर से यूएई नेशनल टीम मेंबर बनने का सफर… यूएई क्रिकेटर मयंक चौधरी से जड़ी कुछ खास बातें… मयंक की उपलब्धि पर परिजन क्या बोले, 2 पॉइंट्स… मां बोलीं- कई साल की मेहनत का मिला फल मां राजेश देवी ने बताया कि मयंक ने सालों तक काफी मेहनत की है। भार?
हरियाणवी बॉय के यूएई क्रिकेटर बनने की कहानीः 5 साल की उम्र में पिता की मौत, रणजी टीम में नहीं मिली जगह; अब टी-20 वर्ल्ड कप खेलेंगे
By worldprime
On: फ़रवरी 2, 2026 5:00 पूर्वाह्न
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