बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का अंतिम दिन… प्रकृति और शरीर, दोनों मेरे खिलाफ थे। माइनस 21 डिग्री पारा और बर्फीले तूफान के बीच 30 किमी की रेस थी। रेस से 30 घंटे पहले फूड पॉइजनिंग से निढाल थी, न खाना पच रहा था। फिर भी मैं मैदान में उतरी…।’ अमेरिका की सबसे सफल क्रॉस-कंट्री स्कीयर जेसी डिगिंस कहती हैं- रेस के दौरान गिरने और शरीर में ऐंठन इसके बावजूद वे डटी रहीं. अंततः रेस पूरी कर सिल्वर मेडल जीता और इतिहास रच दिया. तीन वर्ल्ड कप, तीन ओलंपिक मेडल और सात वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत चुकी डिग्निस 2026 में इटली में हो रहे शीतकालीन ओलंपिक में पूरे दमखम के साथ उतर रही हैं, जानिए उनके शीर्ष तक पहुंचने का सफर… बात 2022 विंटर ओलंपिक की है. रेस से पहले हुई फूड पॉइजनिंग से शरीर में पानी और ऊर्जा की भारी कमी हो गई. सुबह 10 मिनट की हल्की दौड़ भी पूरी नहीं कर पाई. बिस्तर प गिरकर फूट-फूट कर रोने लगी. मम्मी-पापा को फोन किया और बस इतना कह सकी,’सब कुछ वैसा नहीं हो रहा, जैसा होना चाहिए था. शाम को शरीर थोड़ा संभला. स्पिन बाइक पर हल् अगली सुबह बस में बैठी तो मां का ई-मेल देखा, जिसने मेरी बेचैनी शांत कर दी। उन्होंने लिखा, ‘तुम्हें यह रेस किसी के लिए नहीं करनी है। आज तुम स्कीइंग करती हो तो सिर्फ इसलिए करना क्योंकि तुम्हें इस खेल से प? बीजिंग विंटर ओलिंपिक का आखिरी दिन… प्रकृति और शरीर, दोनों मेरे खिलाफ थे। माइनस 21 डिग्री पारा और बर्फीले तूफान के बीच 30 किमी की रेस थी। रेस से 30 घंटे पहले फूड पॉइजनिंग से निढाल थी, न खाना पच रहा था, न ही जॉगिंग कर पा रही थीं। फिर भी मैं मैदान में उतरी…।’ अमेरिका की सबसे सफल क्रॉस-कंट्री स्कीयर जेसी डिगिंस कहती हैं- रेस के दौरान गिरने और शरीर में ऐंठन के बावजूद वे डटी रहीं। अंतत: रेस पूरी कर सिल्वर मेडल जीता और इतिहास रच दिया। तीन वर्ल्ड कप, तीन ओलिंपिक मेडल और सात वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत चुकी डिगिंस 2026 में इटली में हो रहे विंटर ओलिंपिक में पूरे दमखम के साथ उतर रही हैं, जानिए उनके शीर्ष तक पहुंचने का सफर… ‘बात 2022 विंटर ओलिंपिक की है। रेस से पहले हुई फूड पॉइजनिंग से शरीर में पानी और ऊर्जा की भारी कमी हो गई। सुबह 10 मिनट की हल्की दौड़ भी पूरी नहीं कर पाई। बिस्तर पर गिरकर फूट-फूट कर रोने लगी। मम्मी-पापा को फोन किया और बस इतना कह सकी,‘सब कुछ वैसा नहीं हो रहा, जैसा होना चाहिए था।’ शाम को शरीर थोड़ा संभला। स्पिन बाइक पर हल्की एक्सरसाइज की। अगली सुबह बस में बैठी तो मां का ई-मेल देखा, जिसने मेरी बेचैनी शांत कर दी। उन्होंने लिखा, ‘तुम्हें यह रेस किसी के लिए नहीं करनी है। तुम पर किसी का उधार नहीं है। आज तुम स्कीइंग करती हो तो सिर्फ इसलिए करना क्योंकि तुम्हें इस खेल से प? बीजिंग विंटर ओलिंपिक का आखिरी दिन… प्रकृति और शरीर, दोनों मेरे खिलाफ थे। माइनस 21 डिग्री पारा और बर्फीले तूफान के बीच 30 किमी की रेस थी। रेस से 30 घंटे पहले फूड पॉइजनिंग से निढाल थी, न खाना पच रहा था, न ही जॉगिंग कर पा रही थीं। फिर भी मैं मैदान में उतरी…।’ अमेरिका की सबसे सफल क्रॉस-कंट्री स्कीयर जेसी डिगिंस कहती हैं- रेस के दौरान गिरने और शरीर में ऐंठन के बावजूद वे डटी रहीं। अंतत: रेस पूरी कर सिल्वर मेडल जीता और इतिहास रच दिया। तीन वर्ल्ड कप, तीन ओलिंपिक मेडल और सात वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत चुकी डिगिंस 2026 में इटली में हो रहे विंटर ओलिंपिक में पूरे दमखम के साथ उतर रही हैं, जानिए उनके शीर्ष तक पहुंचने का सफर… ‘बात 2022 विंटर ओलिंपिक की है। रेस से पहले हुई फूड पॉइजनिंग से शरीर में पानी और ऊर्जा की भारी कमी हो गई। सुबह 10 मिनट की हल्की दौड़ भी पूरी नहीं कर पाई। बिस्तर पर गिरकर फूट-फूट कर रोने लगी। मम्मी-पापा को फोन किया और बस इतना कह सकी,‘सब कुछ वैसा नहीं हो रहा, जैसा होना चाहिए था।’ शाम को शरीर थोड़ा संभला। स्पिन बाइक पर हल्की एक्सरसाइज की। अगली सुबह बस में बैठी तो मां का ई-मेल देखा, जिसने मेरी बेचैनी शांत कर दी। उन्होंने लिखा, ‘तुम्हें यह रेस किसी के लिए नहीं करनी है। तुम पर किसी का उधार नहीं है। आज तुम स्कीइंग करती हो तो सिर्फ इसलिए करना क्योंकि तुम्हें इस खेल से प?
अमेरिका की सबसे सफल स्कीयर जेसी डिगिंस की इंस्पायरिंग स्टोरी: फूड पॉइजनिंग से निढाल थी, शरीर टूट रहा था, रेस में गिरी भी, पर मां की सीख ने जीता दी हारी हुई है जी जी
By worldprime
On: फ़रवरी 8, 2026 12:32 अपराह्न
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