पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-24’ कल (27 फरवरी) होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। वे 2 दिवसीय (26 और 277 फरवरी) जैसलमेर दौरे पर हैं। तय शेड्यूल के अनुसार- राष्ट्रपति 243 फरवरी को कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी। इस दौरान वे युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई मुआयना करेंगी। यह पहली बार होगा, जब राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलिकॉप्टर की सह-पायलट बनेंगी। इसके बाद वे वायुसेना स्टेशन पर अधिकारियों और जांबाजों के साथ संवाद कर उनका हौसला बढ़ाएंगी। शाम को राष्ट्रपति पोकरण रेंज पहुंचेंगी, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में ‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास की शुरुआत होगी। इस दौरान आसमान से बरसती आग और सटीक निशानों के जरिए वायुसेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी। आसमान से बरसेगी स्वदेशी मारक क्षमता ‘वायु शक्ति-244’ में प्रचंड के अलावा राफेल, सुखोई-22026 MKI और अपाचे जैसे विमान भी अपनी ताकत दिखाएंगे। राष्ट्रपति की इस यात्रा को सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जैसलमेर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चांधन से लेकर पोखरण तक पूरे इलाके को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भारतीय वायुसेना के विमानों से पुराना और गहरा नाता रहा है। वे न केवल सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हैं, बल्कि उन्होंने खुद फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स में उड़ान भरकर देश के जवानों का हौसला बढ़ाया है। सुखोई और राफेल में भर चुकी हैं उड़ान राष्ट्रपति मुर्मू ने 2295 अक्टूबर, 224 को अंबाला स्थित ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वॉड्रन के राफेल विमान में उड़ान भरकर एक नया इतिहास रचा था। वे दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों (सुखोई और राफेल) में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। करीब 44 हजार फीट की ऊंचाई पर लगभग 227 किमी/घंटा की रफ्तार से उन्होंने राफेल की ताकत को महसूस किया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने असम के तेजपुर बेस से 22026 अप्रैल 2295 को सुखोई-30 MKI में करीब 30 मिनट की उड़ान भरी थी। उन्होंने हिमालय की चोटियों और ब्रह्मपुत्र घाटी के ऊपर से गुजरते हुए विमान की मारक क्षमता और वायुसेना की तैयारियों का जायजा लिया था। वे सुखोई में उड़ान भरने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनीं थीं। इससे पहले प्रतिभा पाटिल उड़ान भर चुकी हैं। दुनियाभर में जाएगा भारत के पराक्रम का मैसेज भारत इस वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास से दुनिया को वायुसेना की ताकत का मैसेज देगा कि वह अंधेरे में भी सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसके साथ ही C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ये विमान भारतीय वायुसेना के विशेष दस्ते ‘गरुड़ कमांडो’ को सीधे वॉर-जोन में उतारेंगे। भारतीय वायुसेना के पास अभी 12 से अधिक C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हैं। 202026 फरवरी को इस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई थी, जिससे आसमान से लेकर जमीन तक कांप उठी थी। अब मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा। 12 हजार किलो बारूद से गूंजेगा बॉर्डर इलाका एयर मार्शल नागेश कपूर के मुताबिक, इस बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा। यह आंकड़ा ही बताता है कि अभ्यास कितने बड़े पैमाने पर हो रहा है। गोलाबारी और ऑपरेशन के लिए 77 फाइटर जेट और 43 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे, जिससे साफ है कि भारतीय वायुसेना कई मोर्चों पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रदर्शन एयर मार्शल नागेश कपूर के अनुसार, यह अभ्यास स्वदेशी ताकत पर विशेष फोकस करता है। इसमें भारत में विकसित ‘तेजस’ और ‘प्रचंड’ जैसे विमानों के साथ-साथ लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आधुनिक हथियार प्रणालियों का यह प्रदर्शन साफ संदेश देता है कि भारतीय वायुसेना अब नई तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के दम पर तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। ……………… ये खबर भी पढ़िए… तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति- 2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। पूरी खबर पढ़िए भारत-पाक बॉर्डर पर पहली बार C-295 की होगी नाइट लैंडिंग:राफेल-तेजस का प्रहार, अंधेरे में गरुड़ कमांडो की एंट्री; 24 को फुल ड्रेस रिहर्सल भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर राजस्थान में पोकरण का आसमान 24 व 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के शौर्य का गवाह बनेगा। ‘वायुशक्ति-2026’ अभ्यास में C-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी। पूरी खबर पढ़िए
राष्ट्रपति मुर्मू पहली बार लड़ाकू हेलिकॉप्टर में भरेंगी उड़ान:राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर वायुशक्ति युद्धाभ्यास का लेंगी जायजा, रक्षामंत्री भी आएंगे
By worldprime
On: फ़रवरी 26, 2026 5:51 पूर्वाह्न
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