रायपुर : छत्तीसगढ़ के मंत्रालय में “लिंगाराम” नामक वाक्य की गूंज ज़ोर-शोर से सुनाई दे रही है| दरअसल,“लिंगाराम” कोई व्यक्ति नहीं बल्कि,वो प्रशासनिक ज़ुमलेबाज़ी से जुड़ा शब्द है,जिसे अंग्रेजी में “LINGER ON ” के नाम से जाना-बुझा जाता है| प्रशासनिक मामलों के जानकारों के मुताबिक,सरकारी कामकाज में प्रकरणों को लंबित रखने के लिए आमतौर पर “लिंगाराम” ज़ुमले का इस्तेमाल किया जाता है| इसका मतलब साफ़ है,कि प्रकरण “पेंडिंग फ़ाइल” में आराम फ़रमा रहा है,साहब जब फ़ाइल बुलाएंगे तब ही प्रकरण बंद अलमारी से बाहर निकलेगा| इसके बाद ही “सरकार” फाइलों पर ग़ौर फरमाएंगे| मंत्रालय में फाइलों पर नज़र रखने वाले प्रशासनिक मामलों के जानकार अधिकारी तस्दीक कर रहे है,कि फ़र्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे PMGSY महकमे में ईएनसी की कुर्सी पर काबिज़ केके कटारे का प्रकरण “लिंगाराम” नामक तकनीकी हालातों का सामना कर रहा है| इसके चलते विभागीय सचिव-प्रमुख सचिव से लेकर प्रभारी मंत्री तक “लिंगाराम” के आगोश में है |PMGSY सूत्र इसकी तस्दीक करते हुए, “लिंगाराम” की स्थिति निर्मित होने की वज़ह भी साफ़ कर रहे है| उनकी माने तो लगभग 1 हज़ार करोड़ के टेंडर-निविदा घोटाले का कमीशन अभी तक उचित हाथों में पूरी तरह से नहीं पहुँच पाया है| यह भी पढ़े : छत्तीसगढ़ शासन को 1 हज़ार करोड़ का झटका देने की तैयारी जोरों पर,PMGSY में टेंडर
PMGSY में 1 हज़ार करोड़ के टेंडर-निविदा घोटाले में सुर्ख़ियों में “लिंगाराम”, ईएनसी के बचाव में दांव पर बीजेपी सरकार का सुशासन, फ़र्जी जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति/जनजाति पर भारी…
By worldprime
On: मार्च 6, 2026 7:46 अपराह्न
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