टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का खेल माना जाता रहा है, लेकिन टी-20 विश्व कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बन गई एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साध रण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पेल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदों को उन्होंने ऑफ कटर ही रखा। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाट विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने? टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने ? टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने ?
ऑफ कटर से गच्चा खा रहे आधुनिक बल्लेबाज: विश्व कप के 357 विकेट तेज गेंदबाजों को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद
By worldprime
On: मार्च 12, 2026 8:44 पूर्वाह्न
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