बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की कई जेल गुंडे-बदमाशों से लेकर घोटालेबाज़ों और अपराधियों के लिए आरामगाह बन गई है | “नोट दो,सुविधा लो” की कार्यप्रणाली के चलते बंदियों और उनके परिजनों के बुरे हाल पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है | उसने हाथ पर हाथ धरे बैठे,जेल और सुधारात्मक सेवाओं का संदेशा देने वाले महकमे को आगाह करते हुए मॉडल जेल मैनुअल का पालन करने के सख़्त निर्देश दिए है | अदालत ने जेलों में उगाही पर जोर और सरकारी सिस्टम से कायदे-कानूनों को दरकिनार किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है | यह भी पढ़े : गंगा जी के बीचों-बीच चिकन बिरयानी,बोट में इफ्तार पार्टी करना पड़ा महंगा,14 गिरफ्तार,देखे वीडियो… प्रदेश की जेलों में कैदियों की बढ़ती संख्या और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर हाईकोर्ट की सख़्ती सुर्ख़ियों में है,चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जेलों में जरूरी सुधार और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य शासन को नई जेलों के निर्माण में मॉडल जेल मैनुअल 2016 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। जेलों में बंदियों की बढ़ती संख्या (ओवरक्राउड ) और बीमार कैदियों को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर सुनवाई की है | बिलासपुर निवासी शिवराज सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर क?
छत्तीसगढ़ में जेलों की अव्यवस्था से हाईकोर्ट नाख़ुश,जेल मैनुअल का पालन कराने के निर्देश…
By worldprime
On: मार्च 17, 2026 5:51 अपराह्न
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