रायपुर : छत्तीसगढ़ में IPS अधिकारियों के बीच पुलिस कप्तान बनने की होड़ मची है,इस रसा-कसी में प्रमोटी आईपीएस अधिकारियों के हाथ लगती बाजी से डायरेक्ट आईपीएस अपना-अपना हाथ मल रहे है| हालत यह है,कि ट्रांसफर पोस्टिंग के मामलो में प्रमोटी IPS “फास्ट ट्रैक” पर,डायरेक्ट IPS “स्लो मोशन” में नजर आ रहे है| इसके लिए गृह विभाग की सक्रियता और पुलिस मुख्यालय की जरूरत से ज्यादा निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है| राज्य के ज्यादातर लगभग सभी बड़े और प्रमुख जिलों में विभागीय पदोन्नति प्राप्त अवॉर्डी आईपीएस अधिकारियों का कब्ज़ा हो गया है,वैसे तो राज्य में डायरेक्ट आईपीएस की कोई कमी नहीं है,फिर भी राज्य के प्रमुख जिलों से डायरेक्ट आईपीएस को प्रमुख जिलों से खदेड़ दिया गया है| उनके स्थान पर प्रमोटी अधिकारियों को मौके पर मौका दिया जा रहा है| पीड़ित यह भी बताते है,कि डायरेक्ट आईपीएस अधिकारी या तो नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्यूटी बजा रहे है या फिर बटालियन और पुलिस मुख्यालय की शोभा बढ़ाने के काम आ रहे है| इस मामले में आईपीएस अधिकारियों के एसोसिएशन की बेरुखी भी सामने आई है| इस बीच डायरेक्ट आईपीएस अधिकारियों की मैदानी इलाकों में तैनाती को लेकर भेदभाव बरते जाने का मुद्दा सुर्ख़ियों में है| प्रदेश के गृह विभाग में आईपीएस बनाम आईपीएस को लेकर अधिकारियों ?
छत्तीसगढ़ में प्रमोटी IPS सरकार की पहली पसंद ? डायरेक्ट IPS को क्यों तरजीह नहीं,ढकेले गए हाशिए पर ? सरकार की नीति पर घमासान,सुर्ख़ियों में गृह विभाग…
By worldprime
On: मार्च 20, 2026 6:27 अपराह्न
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