रायपुर /भिलाई : छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस की कार्यशैली CBI की निगाहों में है,165 करोड़ के नामी-बेनामी लेन-देन की विवेचना में जुटे पुलिस के तत्कालीन अधिकारियों ने हवाला से जुड़े संदेही खाते के प्रकरण का ही “खात्मा” कर दिया था|लेकिन, यह खात्मा रिपोर्ट पुलिस के गले की फ़ांस बन गई है|CBI ने मामले में FIR दर्ज़ कर ली है |छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जाँच के निर्देश दिए है|चर्चा है,कि बेनामी रकम के श्रोत “भू-पे” नेटवर्क से जुड़े है,कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसे कई खाता धारकों के नाम बघेल गिरोह में शुमार बताया जाता है,जो विभिन्न बैंकों से नामी-बेनामी ट्रांजेक्शन कर रहे थे|उन्होंने विवेचना में जुटी पुलिस को भी अपने खांचे में डाल लिया था| भिलाई के एक बैंक से लगभग 165 करोड़ का लेनदेन हुआ| ये खाता किसी बिजनेस मैन या नेता का नहीं बल्कि,एक ऐसे कामगार का था,जो एक प्रभावशील व्यक्ति के यहां 11 हज़ार रूपये प्रतिमाह की नौकरी पर कार्यरत था| छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामले के उजागर होने के बाद संदेहियों से पूछताछ की थी|उसने विवेचना के बाद मामले ही रफा-दफा कर दिया था|पुलिस ने बैगेर ठोस जाँच किए,प्रकरण का ख़ात्मा कर दिया था|दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत भिलाई में साल 2020 में हुई थी| उस वक्त अमनेश सिंह नामक शख्स ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी,कि उसके नाम से बैंक
11 हजार की सैलरी, 165 करोड़ का खेल ! छत्तीसगढ़ पुलिस के केस में CBI की एंट्री,पुलिस ने प्रकरण दबाया या आरोपियों को बचाया ? FIR दर्ज़,निगाहें रिश्वतखोर पुलिस अफसर पर…
By worldprime
On: मार्च 31, 2026 5:48 अपराह्न
---Advertisement---










