बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित कर सकता है और इसके लिए किसी प्रकार की पूर्व अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। अदालत ने कहा कि जब तक आयोजन में किसी कानून का उल्लंघन नहीं होता, तब तक किसी प्राधिकरण से अनुमति लेने की बाध्यता नहीं है।कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि नागरिकों को अपने निजी स्थान पर धार्मिक गतिविधियां करने का पूरा अधिकार है, जो उन्हें भारतीय संविधान द्वारा मिला हुआ है। यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को मजबूत करता है। दरअसल, यह टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई, जिसमें घर पर प्रार्थना सभा आयोजित करने पर आपत्ति जताई गई थी। हाईकोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि ऐसे निजी धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं लगाई जा सकती।अदालत ने यह भी कहा कि संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की आजादी देता है। इसमें घर या निजी स्थान पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना भी शामिल है, बशर्ते इससे कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक शांति प्रभावित न हो।इस निर्णय से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने घरों में धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर ऐसे आयोजन पूरी तरह वैध हैं और किसी को भी अनावश्यक र?
प्रार्थना सभा के लिए अनुमति जरूरी नहीं, घर में प्रेयर करने वालों को परेशान न करे,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला…
By worldprime
On: अप्रैल 1, 2026 2:05 अपराह्न
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