दिल्ली की एक कंपनी में काम करने वाले अर्नव पटेल नौकरी से इस्तीफा देने के लगभग 3 महीने बाद भी अपनी बाकी सैलरी के इंतजार कर रहे हैं। नियमानुसार उन्हें लास्ट वर्किंग डे के 2 दिन के भीतर कंपनी से फुल एंड फाइनल सेटेलमेंट मिल जाना चाहिए था, मगर कंपनी आखिरी महीने की सैलरी देने को भी राजी नहीं है। दिल्ली की ही एक दूसरी कंपनी में काम करने वाली अपर्णा को भी कंपनी ने छंटनी में बाहर कर दिया, मगर FNF देने में महीनों तक टालमटोली की। आखिरकार कानूनी मदद लेने के बाद अपर्णा को अपनी सैलरी मिल पाई। कंपनी ने कहा- अभी इंवेस्टिगेशन जारी ये मामले किन्हीं छोटे दफ्तरों के नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों के हैं। अर्नव ने 2 साल Muthoot Capital Services Ltd में बतौर एरिया सेल्स मैनेजर काम किया। उनके मामले में कंपनी ने 45 दिन की मियाद पूरी होने के बाद भी FNF नहीं दिया। कई बार ई-मेल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। जब दबाव दिया तो कंपनी HR ने मेल पर जवाब दिया- कंपनी की इंटरनल इंवेस्टिगेशन जारी है, आपके इनवॉल्वमेंट की जांच के बाद ही कोई जवाब दिया जाएगा। हालांकि, जांच कब तक पूरी होगी, ये नहीं बताया। दैनिक भास्कर ने कंपनी से इस बाबत जानकारी पाने की कोशिश की मगर कंपनी ने जवाब नहीं दिया। अर्नव ने हमें बताया कि पहले भी कई कर्मचारियों को इंटरनल जांच, पुलिस केस जैसी बातें बताकर उनका पैसा नहीं दिया गया। क्या
सैलरी मांगों तो इंवेस्टिगेशन का हवाला:नौकरी छोड़ने पर बड़ी कंपनियां नकार रहीं FNF; क्या हैं कर्मचारियों के अधिकार
By worldprime
On: अप्रैल 19, 2026 11:35 अपराह्न
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