कल्पना कीजिए कि आप अपने घर में झाड़ू लगा रहे हैं, खाना बना रहे हैं या बगीचे में पानी दे रहे हैं, और कोई आपको इन कामों के लिए पैसे दे रहा हो। यकीन करना मुश्किल है, लेकिन भविष्य के एक बड़े दांव ने इसे मुमकिन बना दिया है। यह ‘ह्यूमनॉइड रोबोट्स’ (इंसान जैसी मशीनें) को प्रशिक्षित करने का एक नए वैश्विक अभियान का हिस्सा है। आज की तारीख में आपके घर के काम की वीडियो क्लिप्स उन ‘एंड्रॉयड बटलर’ (रोबोटिक सहायक) के लिए सबसे कीमती डेटा बन गई हैं, जो आने वाले समय में आपके दफ्तरों और रसोई घरों की जिम्मेदारी संभालेंगे। मशीनों के लिए क्यों जरूरी हैं इंसानी वीडियो? दशकों से रोबोट्स को रिमोट कंट्रोल या वर्चुअल सिम्युलेशन (सॉफ्टवेयर) के जरिये सिखाया जाता रहा है। लेकिन सिम्युलेशन में रोबोट यह नहीं समझ पाता कि कांच का एक गिलास उठाने में कितनी ताकत लगानी है। एनवीडिया की रिपोर्ट से चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने आए जब रोबोट की ट्रेनिंग में 20,000 घंटे के ‘फर्स्ट-पर्सन वीडियो’ (इंसान की नजर से शूट किए गए वीडियो) शामिल किए गए, तो उनकी सफलता की दर 50% से ज्यादा बढ़ गई। अब ये रोबोट टी-शर्ट की तह बनाना, ताश के पत्ते छांटना और बोतल का ढक्कन खोलने जैसे जटिल काम बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं। रोबोट की ट्रेनिंग के लिए अरबों घंटों के डेटा जरूरी रोबोट को काम सिखाने के लिए इंसानी वीडियो चाहिए। इस?
रोबोटिक बटलर- वीडियो क्लिप्स से सीख रहे झाड़ू-पोछा:‘इंसानी गलतियों’ से खुद को दिनोदिन स्मार्ट बनाते जा रहे हैं ह्युमनॉइड रोबोट्स
By worldprime
On: अप्रैल 20, 2026 1:52 अपराह्न
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