रायपुर/दिल्ली/मुंबई :छत्तीसगढ़ में निवेश की अपार संभावनाओं के सरकारी प्रयासों के बीच वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज होने के मामले ने औद्योगिक जगत में हलचल तेज़ है|कई बड़े उद्योगपतियों ने FIR में अनिल अग्रवाल का नाम घसीटे जाने पर एतराज जताया है| उन्होंने बाकयदा X पोस्ट पर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस पूरे मामले की ओर खींचा है|छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट हादसे में प्राथमिक जाँच ख़त्म होने से पूर्व उद्योगपति अनिल अग्रवाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होने से विभिन्न कारोबारी संगठनों के बीच गहमागहमी तेज़ हो गई है| निवेश कारोबार से जुड़े सूत्र इस FIR की परिस्थिति और टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े कर रहे है| उनकी मानें तो,ये संयोग है या इत्तेफाक़ ,कि कॉर्पोरेट सेक्टर में “जेपी ग्रुप” की कई संपत्तियों की नीलामी,अधिग्रहण और ख़रीद-फ़रोख़्त की प्रक्रिया में वेदांता समूह की भूमिका सामने आने के बाद उद्योगपति अनिल अग्रवाल पर शिकंजा कसा गया है? जबकि,उद्योगपति अनिल अग्रवाल समेत वेदांता कम्पनी के अन्य लगभग 10 पदाधिकारियों के खिलाफ नामज़द FIR करने को लेकर स्थानीय पुलिस के अपने तर्क है| पुलिस के अनुसार, यह FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत), 289 (मशीनरी के प्रति लापरवाही) और 3(5) (सामूहिक मंश
आख़िर किसके निर्देश पर दर्ज़ हुई वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR ? हैरत में उद्योगपति ! राज्य में निवेश को लेकर औद्योगिक घरानों में हलचल तेज़…
By worldprime
On: अप्रैल 21, 2026 1:23 अपराह्न
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