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‘दंगाई बोला-कर्फ्यू हटने दे, 50 दुकानों में आग लगानी है’:प्लांड था करौली दंगा, सबूत मिटाए, 7 ऑडियो में पूरा सच सामने आया

On: अप्रैल 25, 2026 5:58 पूर्वाह्न
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कर्फ्यू हट जाने दे। कम से कम 50 दुकानों में आग लगानी है। चेयरमैन (सभापति का बेटा अमीनुद्दीन) का पूरा-पूरा हाथ है। लट्ठ दिए हैं जमा-जमा कर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं। ये भूल जाएंगे रैली निकालना। तलवार, लाठी व सभी हथियार थे। पहले से तैयारी थी। हम कई लोग वहां पर सोए थे। 4 साल पहले करौली में रामनवमी पर निकली रैली के दौरान हुए दंगों के बाद आरोपी फोन पर बातचीत में इसी तरह जहर उगल रहे थे। 213 से 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों की बातचीत की 7 रिकॉर्डिंग पुलिस के पास है। इसके अलावा इन्वेस्टिगेशन में 3 और बातों का खुलासा हुआ है। 1. दंगे की प्लानिंग 3 दिन पहले हो गई थी। 2. उस दिन एक समुदाय के ऑटो और दुकानें बंद रखवाए। 3. मास्टरमाइंड ने सबूत मिटाने के लिए पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… करौली में 2 अप्रैल 2003 को रामनवमी पर वाहन रैली निकाली गई। रैली के संयोजक नीरज गुप्ता ने रैली के रूट और डीजे के लिए परमिशन ली थी। गुलाबबाग से रवाना हुई रैली का हिंडौनगेट, फूटा गेट से हटवाड़ा, गणेशगेट से अंबेडकर सर्किल होते हुए रामद्वार पर समापन होना था। रैली जैसे ही फूटा गेट से हटवाड़ा की ओर बढ़ी, छतों से पथराव शुरू हो गया। बड़ी संख्या में युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे और रैली में शामिल लोगों को पीटने लगे। रथ तोड़ दिया। 15 दुकानों में आग लगा दी गई। कई दुकानों को लूट लिया। पूरा घटनाक्रम एक घंटे चला। एएसपी किशोर बुटोलिया और तत्कालीन एसएचओ रामेश्वरदयाल मीना टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर के बाद तांबे की टोरी में दंगा भड़क गया। वहां पर 5 दुकानों में आग लगा दी। पूरा करौली दंगे की चपेट में आ गया। 7 दिन पूरा करौली बंद रहा। 15 दिन कर्फ्यू रहा। पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी एक प्रॉपर्टी को तोड़ दिया। 48 दिन बाद जमानत हो गई। पुलिस मामले में जल्द चार्जशीट पेश करने वाली है। पुलिस फाइल में 126 लोगों के नाम पुलिस फाइल में दंगों से जुड़े 126 लोगों के नाम रिकॉर्ड हैं। आरोपियों में 69 मुस्लिम और 57 हिंदू हैं। 33 को गिरफ्तार किया, जिनमें 33 मुस्लिम, 23 हिंदू थे। 34 मुस्लिम, 25 हिंदू, यानी कुल 59 लोगों ने अग्रिम जमानत ले रखी है। पुलिस जांच में सामने आईं 3 बड़ी बातें… 3 दिन पहले ही हो चुकी थी दंगे की प्लानिंग दंगे की प्लानिंग रैली से 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। जमात के नाम पर बाहर से 200 से ज्यादा युवकों को बुलाया गया था। उनके साथ मीटिंग में तय किया कि रैली नहीं निकलने देंगे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर निकाली जा रही रैली सफल हो गई तो हर बार ऐसी ही रैली निकाली जाएगी। मीटिंग में तय हो गया था कि हटवाड़ा पहुंचने से पहले ही हमला कर दिया जाएगा। इसके लिए मकानों और दूसरी इमारतों पर पहले ही पत्थर जमा कर लिए थे। ऑटो और दुकानें बंद रखवाए पुलिस जांच में सामने आया कि रैली के दिन एक समुदाय के ज्यादातर ऑटो और दुकानें बंद करवा दिए गए थे। मुख्य बाजार खास तौर पर फूटा गेट और हटवाड़ा की दुकानें पूरी तरह से बंद थी, जबकि दूसरे समुदाय की दुकानें खुली थीं। वे रैली पर दुकानों की छतों से फूल बरसा रहे थे। ऑटो और दुकानों को बंद रखने की प्लानिंग 2003 दिन पहले ही हो चुकी थी। दंगे के बाद खुद अमीनुद्दीन भी मौके पर पहुंचा था। मकसूद भी वहां पर मौजूद था। मकसूद के दो बेटे मतलूब ओर अंचू हैं। मकसूद मनोनीत पार्षद है। मकसूद का दवाखाना है। जहां रैली में दंगा हुआ था, वहां मस्जिद के पास उसकी जिम भी है। पुलिस का दावा है कि जिम के अंदर पहले से ही लड़के बैठे थे। रैली आते ही उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिम के ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मकसूद और अंचू को भी पुलिस ने मुख्य आरोपियों में माना। पत्थरों और सड़क पर फैले खून को कराया साफ पुलिस जांच में सामने आया कि कि दंगों के बाद सभापति रशीदा खातून के बेटे अमीनुद्दीन ने सफाई कर्मचारी पिंटू को कॉल किया। पिंटू खुद टॉली लेकर वहां पर पहुंचा था। उसने सारे पत्थरों को ट्रॉली में भर लिया था। टैंकर मंगाकर पूरी गली साफ करा दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारे सबूत मिटा दिए गए थे। पुलिस ने पिंटू से पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। रैली दो बजे शुरू होनी थी। अमीनुद्दीन 11 बजे वहां पहुंच गया था। उस वक्त ढोली खार में असामाजिक तत्व जमा हो गए थे। गलियों से निकलते हुए हटवाड़ा पहुंचे और रैली पर हमला कर दिया। विरोध में रैली से भागे युवकों ने तांबे की टोरी में हंगामा किया। वहां पर आग लगा दी थी। 7 ऑडियो : पढ़िए कैसे जहर उगल रहे थे दंगाई जांच के दौरान पुलिस को दंगों के बाद 2 अप्रैल 2022 की रात से लेकर 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों के बीच आपस में हुई बातचीत की कई ऑडियो फाइल भी मिली। जियायुद्दीन (7976****75) और अलादीन(9783****13) के बीच बातचीत… जियायुद्दीन (7976****75) और गंगापुर सिटी निवासी रियान (935235****) के बीच दो अप्रैल 272 को शाम 25 बजे हुई बातचीत जियायुद्दीन (221****2200) और तारीफ खान (23****2200) के बीच 20203 अप्रैल को हुई बातचीत दोनों के बीच 22020 अप्रैल 22 को ही दोबारा बातचीत हुई जियायुद्दीन और कुंड निवासी मिंच्या (235****70) के बीच 4 अप्रैल 2022 को 1.17 बजे हुई बातचीत जियायुद्दीन और वसीम (6376****47) के बीच 23 अप्रैल को हुई बातचीत (जियायुद्दीन के पकड़े जाने के बाद उसके मोबाइल से ऑडियो रिकॉडिंग मिली थी। उसके मोबाइल से दंगे के कई फोटो व वीडियो भी मिले थे।) दानिश खान (811****257) और हिंडौन निवासी आबिद (7014****72) के बीच 5 अप्रैल को 21 मिनट बातचीत हुई मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉर्डिंग पुलिस ने जियायुद्दीन, दानिश, मिंच्या, तारीफ आदि आरोपियों को दंगा भड़काने, आगजनी करने, लूट व मारपीट, सांप्रदायिक माहौल खराब करने, तोड़फोड़ जैसी गंभीर धाराओं में आरोपी माना है। जियायुद्दीन का पिता सट्टे का काम करता था। जियायुद्दीन के मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉडिंग भी मिली है। दानिश, मिंच्या, तारीफ भी गाड़ियों से लेकर दूसरे छोटा-मोटा काम करते हैं। ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली दंगों के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कीं तो ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली। पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर भी रैली की शुरुआत में थे। पुलिस ने जांच में नाम लिखा था। ऐसे में अग्रिम जमानत ले ली। दंगे के दौरान मतलूब को पहले मास्टरमाइंड माना था। उसने भी जमानत ले ली थी। इसी गली में उसकी जिम थी, जहां से सबसे ज्यादा पथराव हुआ था। उसके भाई अंशू ने भी जमानत ले ली थी। पुलिस का दावा है कि करौली में हुए दंगे के लिए बाहर से चंदा आया था। अब जल्द ही पुलिस कोर्ट में चार्जशीट फाइल करने की तैयारी में है। अमीनुद्दीन ने 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि अमीनुद्दीन रैली से पहले मौके पर पहुंचा था। 3 दिन पहले उसने घर के पास ग्राउंड में एक मीटिंग रखी थी, जिसमें 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया गया था। मीटिंग के बाद ही ऑटो और दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया। घटना के बाद भी अमीनुद्दीन के वहां पर जाने के फोटो व वीडियो मिले हैं। पुलिस ने जियाउद्दीन, ताहिर और दानिश आदि को पकड़ा तो उनके मोबाइल से भी अमीनुद्दीन के कई ऑडियो मिले। एसपी ने बताया घटना के बाद भी अमीनुद्दीन ने टैंकर भेजकर सफाईकर्मियों से सब कुछ साफ करवा कर सारे सबूत मिटा दिए थे। अमीनुद्दीन ने ही मतलूब व अन्य लोगों को रैली में हमला करने के निर्देश दिए थे। चार्जशीट जल्द करेंगे कोर्ट में फाइल करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि करौली दंगे की जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट फाइल करेंगे। हाल ही में अमीनुद्दीन को गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ दंगे की प्लानिंग, दंगे में शामिल होने और सबूतों को नष्ट कराने के कई एविडेंस मिले हैं। कई युवकों के मोबाइल से ऑडियो भी मिले हैं। ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- करौली दंगों पर भास्कर इन्वेस्टिगेशन, छतों पर जमा किए गए थे कई टन पत्थर, लाठी-सरिए 2020 में हुए दिल्ली दंगे की तर्ज पर शनिवार को राजस्थान के करौली में हुआ उपद्रव पहले से ही प्लांड था। छतों से सैकड़ों टन पत्थर और दर्जनों लाठी-सरिए, चाकू की बरामदगी इसकी गवाही दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2- राजस्थान के करौली में उपद्रवियों ने 35 दुकानें जलाईं:जिले में इंटरनेट बंद, घर से निकलने पर पाबंदी; ड्रोन से निगरानी, तीर्थयात्रियों पर रोक नहीं राजस्थान के करौली शहर में शनिवार को हिंदूवादी संगठनों की बाइक रैली पर पथराव के बाद हुए उपद्रव के कारण रविवार सुबह से सन्नाटा पसरा हुआ है। कर्फ्यू के कारण लोग घरों में ही दुबके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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