भारत के अधिकांश राज्यों (पूर्वोत्तर को छोड़कर) में अधिकतम तापमान 40°C से 47°C के बीच है। रविवार को यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र के 7 शहरों में तापमान 46°C के पार चला गया। 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में शरीर कोर तापमान को बनाए नहीं रख सकता। इससे मस्तिष्क, हृदय और किडनी जैसे अंगों में दर्द होता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। बच्चे, बुजुर्ग और धूप में बाहर काम करने वाले लोगों को हीट स्ट्रोक हो सकता है। तो आज हम शारीरिक स्वास्थ्य में हीट स्ट्रोक के बारे में बात करेंगे, और हम यह भी जानेंगे कि- हीट स्ट्रोक क्या है? उत्तर: हीट स्ट्रोक एक आपातकालीन चिकित्सा स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान बहुत अधिक (40°C या 104°F या उससे अधिक) हो जाता है। लक्षण क्या हैं? उत्तर: इसके शुरुआती लक्षण डिहाइड्रेशन जैसे होते हैं। इसमें तेज प्यास, सिरदर्द और चक्कर आना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो लक्षण गंभीर हो सकते हैं। सभी लक्षणों को ग्राफ़िक में देखें – प्रश्न – हीट एग्जॉक्शन और हीट स्ट्रोक में क्या अंतर है? उत्तर – हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक दोनों ही गर्मी से जुड़ी समस्याएं हैं, लेकिन असर और गंभीरता अलग है।
शारीरिक स्वास्थ्य- हीट स्ट्रोक घातक हो सकता है: इन 6 संकेतों को देखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, इन आसान तरीकों से शरीर को रखें ठंडा
By worldprime
On: अप्रैल 28, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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