सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। कई स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर अपनी जांची हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी शेयर की है। स्टूडेंट्स के मुताबिक, ये इतने घटिया क्वॉलिटी के स्कैन किए हुए हैं कि खुद का लिखा भी पढ़ पाना मुश्किल है। ऐसे में टीचर्स ने कॉपी कैसे चेक कर दी? एक ने स्कैन्ड आंसर शीट की फोटो शेयर करते CBSE को टैग करके लिखा है- 5 दिन समय था, 3 दिन वेबसाइट नहीं चली 12वीं के छात्रों को स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त करने और रीवैल्यूएशन के लिए CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन पोर्टल पर अप्लाई करने में भी काफी तकनीकी दिक्कतें आईं। बोर्ड ने आवेदन के लिए 19 से 23 मई तक की तारीखें तय की थीं, लेकिन स्टूडेंट्स का कहना है कि लगातार तीसरे दिन तक तकनीकी समस्या के चलते वेबसाइट नहीं चली। आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने के लिए छात्रों के पास 5 दिन थे, जिनमें से 3 दिन पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के चलते बर्बाद हुए। पोर्टल पर 3 घंटे में 1,27, 146 एप्लीकेशन आईं 20 मई को शाम 7:30 बजे तक पोर्टल वापस खुला। पोर्टल खुलने के 3 घंटे में ही 1,27, 146 एप्लीकेशंस आएं। CBSE ने एप्लीकेशन डे?
स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे
By worldprime
On: मई 22, 2026 6:03 अपराह्न
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