देश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है और अब फोन भी जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहे हैं, चार्जिंग बीच में रुक जा रही है, कैमरा बंद हो रहा है और बैटरी तेजी से खत्म हो रही है। लगातार ओवरहीटिंग सिर्फ बैटरी को ही नहीं, बल्कि प्रोसेसर, कैमरा सेंसर, डिस्प्ले और पूरे फोन की परफॉर्मेंस को नुकसान पहुंचा सकती है। कई कंपनियां चेतावनी देती हैं कि 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान में स्मार्टफोन पर स्थायी असर भी पड़ सकता है। ऐसे में जानते हैं फोन को ओवरहीट से कैसे बचाएं? थर्मल थ्रॉटलिंग हीट में फोन खुद को यूं सुरक्षित करता है अगर फोन लगातार गर्म रहे तो बैटरी हेल्थ तेजी से गिरती है, चार्जिंग धीमी हो जाती है, प्रोसेसर स्पीड घटा देता है और फोन धीमा महसूस होने लगता है। इसे ‘थर्मल थ्रॉटलिंग’ कहा जाता है। यानी फोन खुद को बचाने के लिए परफॉर्मेंस कम कर देता है। गर्म फोन को तुरंत चार्ज करना बड़ी गलती कई लोग धूप से आने के बाद तुरंत फोन चार्जिंग पर लगा देते हैं। यह गलत है। अगर फोन पहले से गर्म है और उसी समय चार्जिंग शुरू कर दी जाए, तो बैटरी पर अतिरिक्त थर्मल दबाव पड़ता है। क्योंकि चार्जिंग खुद भी गर्मी पैदा करती है। इससे फोन ज्यादा गर्म हो सकता है, चार्जिंग अपने आप रुक सकती है। गर्म कार में फोन छोड़ने से बचें, इससे भी खतरे कार के अंदर का तापमान बाहर की तुलना ?
गर्मी बढ़ी तो फोन भी खतरे में:हीटवेव का असर फोन पर भी; जानिए बचाव के तरीके
By worldprime
On: मई 30, 2026 4:32 अपराह्न
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