तिल्दा-नेवरा: CG News: ग्राम अलदा में प्रस्तावित स्पंज आयरन उद्योग के विरोध में पिछले डेढ़ वर्ष से चल रहे किसान आंदोलन को रविवार को नया राजनीतिक बल मिला, जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशाल किसान महासम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में हजारों की संख्या में किसान, ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। सभा स्थल जल, जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा के नारों से गूंज उठा।![]()
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की जानकारी और सहमति के बिना सरपंच, सचिव और कुछ पंचों की मिलीभगत से फर्जी ग्रामसभा आयोजित कर उद्योग स्थापना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग स्थापना की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी है।
फर्जी ग्रामसभा की जांच में पुष्टि का दावा
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रशासनिक जांच में ग्रामसभा के फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि तीन अलग-अलग अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में ग्रामसभा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामसभा फर्जी थी तो सबसे पहले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने गांव की सहमति के बिना एनओसी जारी की। उन्होंने सरपंच, सचिव और इस प्रक्रिया में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पर्यावरणीय स्वीकृति पर भी उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने पर्यावरण विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब ग्रामसभा की वैधता ही संदेह के घेरे में थी, तब उद्योग को पर्यावरणीय स्वीकृति किस आधार पर प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति दी गई है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
कुम्हारी जलाशय बना आंदोलन का केंद्र
सभा में कुम्हारी जलाशय का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समोदा बांध से जुड़े कुम्हारी जलाशय का पानी 20 से 25 गांवों के किसानों और ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा है। इसी जल स्रोत पर खेती, पशुपालन और दैनिक जरूरतें निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों के हिस्से का पानी किसी उद्योग को देने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी और कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी रहेगी। जल, जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
किसानों को प्रताड़ित करने का आरोप
भूपेश बघेल ने पुलिस और प्रशासन पर आंदोलन को कमजोर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत किसानों को प्रताड़ित किया गया और कुछ किसानों के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने किसान रामखिलावन वर्मा और दुर्गेश वर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें आदतन अपराधी की श्रेणी में रखकर थाने में उनके फोटो लगाए गए थे। महासम्मेलन से पहले इन नामों को हटाया जाना यह दर्शाता है कि कार्रवाई उचित आधार पर नहीं की गई थी।
हजारों ग्रामीणों ने दोहराया संघर्ष का संकल्प
महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष सैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा, धरसीवा की पूर्व विधायक अनीता शर्मा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सम्मेलन के अंत में किसानों और ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि कुम्हारी जलाशय और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

