पिछले दिनों, नासिक जिले के मालेगांव, महाराष्ट्र से डिप्थीरिया के तीन मामले सामने आए, जिसमें छह महीने और 11 साल के दो बच्चों की मौत हो गई। ऑर्ट्स के अनुसार, तीनों बच्चों को डिप्थीरिया के टीके नहीं लगे थे। डिप्थीरिया एक संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से गले और श्वसन पथ में होता है। समय पर टीकाकरण और उपचार न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है। नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2022 के अनुसार, 2020 में भारत में डिप्थीरिया के 1586 मामले थे। वहीं 2021 में 3677 मामले दर्ज किए गए थे जिनमें 47 लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए आज ‘शारीरिक स्वास्थ्य’ में हम डिप्थीरिया के बारे में बात करेंगे। और यह भी कि डिप्थीरिया क्या है? उत्तर – यह एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो ‘कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया’ (Corynebacterium diphtheriae) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। प्रश्न – इसे ‘गलघोंटू’ क्यों कहा जाता है? उत्तर: डिप्थीरिया में गले और टॉन्सिल्स पर मोटी परत बनती है, जो श्वसन मार्ग को अवरुद्ध कर सकती है। इससे रोगी को सांस लेने में कठिनाई होती है और गले में घुटने की तरह दर्द होता है। इसलिए इसे ‘गुलघोंटू’ कहा जाता है। प्रश्न: डिप्थीरिया कैसे फैलता है? उत्तर: यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और संपर्क से फैलता है। सभी जोखिम?
डिप्थीरिया से 2 बच्चों की मौत: इन 6 लक्षणों को इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, बच्चों को वैक्सीन जरूर लगवाएं
By worldprime
On: जून 8, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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