एक समय था जब लोगों, खासकर युवा पीढ़ी के बीच डिजिटल साधनों और सोशल मीडिया अपनाने की होड़ थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। डिजिटल साधनों, ज्यादा स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन रहने से लोगों के बीच डिजिटल थकान बढ़ने लगी है। भारत-अमेरिका सहित कई देशों में हुए अलग-अलग सर्वे के मुताबिक नई पीढ़ी लगातार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और डिजिटल थकान से बचने के लिए ‘डिजिटल मिनिमलिज्म’ को अपना रही है। कुछ लोग विनाइल रिकॉर्ड, सीडी और रिकॉर्ड प्लेयर खरीद रहे हैं। कुछ लोग 2000 के दशक की पुरानी चीज माने जाने वाले फ्लिप फोन या कीपैड वाले फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बॉलीवुड और हॉलीवुड के सेलेब्स समय-समय पर डिजिटल डिटॉक्स लेते रहते हैं। कुछ सेलेब्स ने सोशल मीडिया अकाउंट तक छोड़ दिए हैं। कई देशों की सरकारों ने छात्रों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करने के नियम बनाए हैं। भारत में भी ऐसी पहल हो रही हैं। कर्नाटक ने छात्रों के लिए मनोरंजन संबंधी स्क्रीन टाइम प्रतिदिन एक घंटे तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं चंडीगढ़ में संडे अनप्लग टू रिकनेक्ट अभियान शुरू किया गया है। महत्वपूर्ण पलों में डिजिटल साधनों से दूरी परिवारों को जोड़ने में कारगर – 91% बच्चों के मुताबिक फोन दूर रखे जाते हैं तो परिवार की आपसी बातचीत आसान हो जाती है। – 87% बच्चे फोन -फ्री डिनर के दौरान खुलकर बात करने में ?
नई पीढ़ी में बढ़ रही है डिजिटल थकान:अब ऑफ ग्रिड ट्रैवल; 47% माता-पिता, 30% बच्चे साधारण फोन अपनाने लगे
By worldprime
On: जून 8, 2026 12:50 अपराह्न
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